{"_id":"62b4c2c60b3dfc658a6d746f","slug":"jammu-kashmir-news-jammu-city-news-jmu262548123","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर भूस्खलन वाले क्षेत्रों में अलग-अलग टीमें व मशीनरी तैनात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर भूस्खलन वाले क्षेत्रों में अलग-अलग टीमें व मशीनरी तैनात
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। श्री अमरनाथ यात्रा को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में अलग-अलग टीमों व मशीनरी की तैनाती कर दी है। आगामी मानसून को देखते हुए आकस्मिक योजना के तहत व्यवस्था बनाने का काम किया गया है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अधिकारियों के अनुसार जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर समरौली, खैरी, पंथेयाल, डिगडोल, कैफेटेरिया मोड़, मंकी मोड़ आदि क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका मौसम खराब होने पर बनी रहती है।
ऐसे में श्री अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले ही आकस्मिक योजना के तहत भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों के लिए अलग-अलग टीमों व मशीनरी को तैनात किया गया है। एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी रोहिन गुप्ता का कहना है कि जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन को पूरी तरह से रोका नहीं जा सकता। ऊंचे पहाड़ों से पत्थर व मलबा गिरने का क्रम शुरू होता है। ऐसे में सड़क पर से मलबा हटाने का कार्य तेजी से हो इसके लिए भूस्खलन की आशंका वाले छह क्षेत्रों की निशानदेही कर अलग-अलग टीमों व मशीनरी की तैनाती की गई है। इससे बड़ा फायदा यह होगा कि मलबे को सड़क से जल्दी हटाकर रास्ता जल्द खोलने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अधिकारियों के अनुसार जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर समरौली, खैरी, पंथेयाल, डिगडोल, कैफेटेरिया मोड़, मंकी मोड़ आदि क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका मौसम खराब होने पर बनी रहती है।
विज्ञापन
ऐसे में श्री अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले ही आकस्मिक योजना के तहत भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों के लिए अलग-अलग टीमों व मशीनरी को तैनात किया गया है। एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी रोहिन गुप्ता का कहना है कि जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन को पूरी तरह से रोका नहीं जा सकता। ऊंचे पहाड़ों से पत्थर व मलबा गिरने का क्रम शुरू होता है। ऐसे में सड़क पर से मलबा हटाने का कार्य तेजी से हो इसके लिए भूस्खलन की आशंका वाले छह क्षेत्रों की निशानदेही कर अलग-अलग टीमों व मशीनरी की तैनाती की गई है। इससे बड़ा फायदा यह होगा कि मलबे को सड़क से जल्दी हटाकर रास्ता जल्द खोलने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन