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एक माह में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड करे रिपोर्ट पेश
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जम्मू। अनधिकृत स्टोन क्रशर और मैकडैम प्लांट के निर्माण के कारण पारिस्थितिक और पर्यावरणीय संतुलन के खतरे के संबंध में दायर जनहित याचिका पर मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और न्यायमूर्ति मोक्षा खजूरिया काजमी ने सुनवाई की।
सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने पाया कि क्षेत्रीय निदेशक जम्मू-कश्मीर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को 28 दिसंबर 2021 के अनुसार एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन प्रस्तुत नहीं की गई। खंडपीठ ने रिपोर्ट दाखिल करने के लिए एक महीने का और समय दिया है। साथ ही 5000 भुगतान करने के निर्देश भी दिए।
पद से हटाने को चुनौती याचिका खारिज
जम्मू। न्यायमूर्ति पुनीत गुप्ता ने विकास कुमार शर्मा द्वारा 9 जुलाई 2020 के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी, जिसके तहत याचिकाकर्ता को खंड विकास परिषद के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। 28 जून 2020 को प्रखंड लम्बेरी तहसील नौशेरा के सरपंचों द्वारा पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव के संबंध में यह फैसला सुनाया गया है।
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न्यायमूर्ति पुनीत गुप्ता ने दोनों पक्षों को सुना। तर्क दिया कि नियमों में जो उल्लेख किया गया है, उसे आगे पढ़ने की जरूरत नहीं है। ऐसा लगता है कि बैठक में विचार-विमर्श हुआ और उसके बाद अविश्वास प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक के कार्यवृत्त को व्यक्त करने के लिए किसी विशिष्ट प्रारूप या शब्दों की आवश्यकता नहीं है।
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सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने पाया कि क्षेत्रीय निदेशक जम्मू-कश्मीर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को 28 दिसंबर 2021 के अनुसार एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन प्रस्तुत नहीं की गई। खंडपीठ ने रिपोर्ट दाखिल करने के लिए एक महीने का और समय दिया है। साथ ही 5000 भुगतान करने के निर्देश भी दिए।
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पद से हटाने को चुनौती याचिका खारिज
जम्मू। न्यायमूर्ति पुनीत गुप्ता ने विकास कुमार शर्मा द्वारा 9 जुलाई 2020 के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी, जिसके तहत याचिकाकर्ता को खंड विकास परिषद के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। 28 जून 2020 को प्रखंड लम्बेरी तहसील नौशेरा के सरपंचों द्वारा पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव के संबंध में यह फैसला सुनाया गया है।
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न्यायमूर्ति पुनीत गुप्ता ने दोनों पक्षों को सुना। तर्क दिया कि नियमों में जो उल्लेख किया गया है, उसे आगे पढ़ने की जरूरत नहीं है। ऐसा लगता है कि बैठक में विचार-विमर्श हुआ और उसके बाद अविश्वास प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक के कार्यवृत्त को व्यक्त करने के लिए किसी विशिष्ट प्रारूप या शब्दों की आवश्यकता नहीं है।