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कृषि क्षेत्र में चुनौतियो से निपटने को नई स्मार्ट तकनीक की जरूरत: एलजी
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जम्मू। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि कृषि व इससे जुड़े क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए नई स्मार्ट तकनीक की जरूरत है। वह शेर ए कश्मीर कृषि विज्ञान एवं तकनीकी विश्वविद्यालय (स्कॉस्ट) कश्मीर में वीरवार को तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार के उद्घाटन कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे।
सतत विकास के लिए सामुदायिक गतिशीलता समिति की तरफ से स्कॉस्ट कश्मीर व स्कॉस्ट जम्मू के सहयोग से आयोजित किए गए सेमीनार में मनोज सिन्हा ने कहा रोबोटिक्स कृषि के अलावा कृत्रिम इंटेलिजेंस, बिग डाटा, आईओटी जैसी स्मार्ट तकनीकों के प्रयोग से न केवल किसानों की आमदनी बढ़ेगी बल्कि यह तकनीक पर्यावरण मैत्री भी है। उन्होंने कहा, विज्ञान और हरित तकनीक पर आधारित नए युग की कृषि क्रांति अनाज की बढ़ती मांग को पूरा करने के अलावा कृषि व बागवानी क्षेत्र का सतत विकास भी करेगी।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर तेजी से देश की मुख्य कृषि ताकत बनने की तरफ अग्रसर है। पिछले ढाई सालों के दौरान लिए गए नीतिगत फैसले और सुधारों के परिणाम भूमि पर दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि स्टार्टअप और इस क्षेत्र में उद्यम लगाने के इच्छुक उद्यमियों को सरकार हर संभव मदद देगी। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों और पंचायती राज संस्थानों से आग्रह किया कि वह कृषि में नई तकनीकों को बढ़ावा व प्रोत्साहन दें। इस अवसर पर उपराज्यपाल ने प्रगतिशील किसानों, अन्वेशन स्टार्ट अप और कृषि क्षेत्र में उपलब्धियां अर्जित करने वालों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर कृषि उत्पाद विभाग के वित्त आयुक्त अटल डुल्लू, स्कॉस्ट कश्मीर के कुलपति प्रो. नजीर अहमद गनेई, स्कॉस्ट जम्मू के कुलपति प्रो. जेपी शर्मा, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के वाइस चेयरमैन डॉ. हीना शफी भट, डॉ. रजनीश त्यागी भी मौजूद रहे।
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सतत विकास के लिए सामुदायिक गतिशीलता समिति की तरफ से स्कॉस्ट कश्मीर व स्कॉस्ट जम्मू के सहयोग से आयोजित किए गए सेमीनार में मनोज सिन्हा ने कहा रोबोटिक्स कृषि के अलावा कृत्रिम इंटेलिजेंस, बिग डाटा, आईओटी जैसी स्मार्ट तकनीकों के प्रयोग से न केवल किसानों की आमदनी बढ़ेगी बल्कि यह तकनीक पर्यावरण मैत्री भी है। उन्होंने कहा, विज्ञान और हरित तकनीक पर आधारित नए युग की कृषि क्रांति अनाज की बढ़ती मांग को पूरा करने के अलावा कृषि व बागवानी क्षेत्र का सतत विकास भी करेगी।
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उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर तेजी से देश की मुख्य कृषि ताकत बनने की तरफ अग्रसर है। पिछले ढाई सालों के दौरान लिए गए नीतिगत फैसले और सुधारों के परिणाम भूमि पर दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि स्टार्टअप और इस क्षेत्र में उद्यम लगाने के इच्छुक उद्यमियों को सरकार हर संभव मदद देगी। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों और पंचायती राज संस्थानों से आग्रह किया कि वह कृषि में नई तकनीकों को बढ़ावा व प्रोत्साहन दें। इस अवसर पर उपराज्यपाल ने प्रगतिशील किसानों, अन्वेशन स्टार्ट अप और कृषि क्षेत्र में उपलब्धियां अर्जित करने वालों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर कृषि उत्पाद विभाग के वित्त आयुक्त अटल डुल्लू, स्कॉस्ट कश्मीर के कुलपति प्रो. नजीर अहमद गनेई, स्कॉस्ट जम्मू के कुलपति प्रो. जेपी शर्मा, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के वाइस चेयरमैन डॉ. हीना शफी भट, डॉ. रजनीश त्यागी भी मौजूद रहे।
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