फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   jammu kashmir news

रहबर-ए-खेल कर्मियों को हटाने की योजना नहीं : सरकार

विज्ञापन
jammu kashmir news
जम्मू। दो दिनों से चल रहे जबरदस्त विरोध प्रदर्शन के बीच जम्मू-कश्मीर सरकार ने सोमवार को कहा कि रहबर-ए-खेल, रहबर-ए-जंगलात और नेहरू युवा क्लब योजनाओं के तहत काम कर रहे कर्मचारियों को हटाने की कोई योजना नहीं है। इस बीच कर्मचारियों ने जम्मू में भाजपा मुख्यालय पर प्रदर्शन किया।
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से इन पदों पर भर्ती विज्ञापन दोबारा निकाले जाने के संबंध में कथित तौर पर एक सरकारी आदेश जारी किया गया था, जिसका इन पदों पर कार्यरत कर्मचारियों और राजनीतिक दलों ने विरोध किया था। इसी सिलसिले में सरकार की तरफ से उक्त स्पष्टीकरण आया है। सूचना एवं जन संपर्क विभाग ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा-स्पष्ट किया जाता है कि रहबर-ए-खेल, रहबर-ए-जंगलात और नेहरू युवा क्लब योजनाओं के तहत काम कर रहे कर्मचारियों को हटाने की जम्मू-कश्मीर सरकार की कोई योजना नहीं है।
विज्ञापन

वहीं, इन तीन योजनाओं के तहत पदों के लिए दोबारा विज्ञापन करने का त्रिकुटा नगर में भाजपा मुख्यालय पहुंचकर लोगों ने विरोध किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रवींद्र रैना ने आरोप लगाया कि एक लॉबी उनकी पार्टी को बदनाम करने के लिए काम कर रही है। मैंने इस मुद्दे पर उपराज्यपाल और मुख्य सचिव से बात की। मुझे बताया गया कि ऐसा कोई आदेश नहीं है और यह खबर फ र्जी है। जब भी चुनाव की बात होती है तो प्रशासन में कुछ लोग जानबूझकर इस तरह के विवादों से भाजपा को बदनाम करने के लिए सामने आते हैं। उन्होंने इस मामले की जांच की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन

उप राज्यपाल से बैठक का दिया भरोसा
रैना ने कहा कि 2020 में सरकार द्वारा गठित एक समिति ने कुछ सिफ ारिशें की थीं लेकिन अंतिम निर्णय उपराज्यपाल की अध्यक्षता वाली प्रशासनिक परिषद द्वारा लिया जाएगा। वह हमारी सरकार थी जिसने आपको उचित माध्यम से नियुक्त किया। पिछले दरवाजे से कोई नियुक्ति नहीं हुई है और हम आपके साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होने देंगे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कम से कम 10 सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल बनाने के लिए कहा और भरोसा दिलाया कि वह उस प्रतिनिधिमंडल और उपराज्यपाल के बीच बैठक की व्यवस्था करेंगे।
प्रदर्शनकारियों ने लगाए नारे, हमें न्याय चाहिए
रैना पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचे थे और प्रदर्शनकारियों ने उनके वहां पहुंचने पर हमें न्याय चाहिए जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे रैना की दलीलों से संतुष्ट नहीं हैं और कहा कि जब तक सरकार लिखित स्पष्टीकरण नहीं देती तब तक वे अपना विरोध जारी रखेंगे। एक प्रदर्शनकारी ने कहा हम अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए आदेश को तुरंत रद्द कराना चाहते हैं। हमने पिछले चार वर्षों में अपने विभागों की सेवा की है और हमें यह आदेश ऐसे समय में मिला है जब हम अपनी परिवीक्षा अवधि पूरी होने पर नियमित होने की उम्मीद कर रहे थे। पिछली पीडीपी-भाजपा सरकार थी जो तीन हजार से अधिक योग्य लोगों को रोजगार प्रदान करने के लिए इन योजनाओं के साथ आई थी और चयन प्रक्रिया संबंधित उपायुक्तों द्वारा निष्पक्ष तरीके से की गई थी।
पदों को दोबारा विज्ञापित करना अलोकतांत्रिक
जम्मू। नेकां के प्रांतीय अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता ने सरकार के रहबर-ए-खेल, रहबर-ए-जंगलात, रहबर-ए-जीरत और एनवाईसी के पदों को दोबारा विज्ञापित करने के फैसले को अलोकतांत्रिक करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे फैसले लाकर उपराज्यपाल प्रशासन स्थानीय युवाओं को बाहर करके बाहरी लोगों के लिए नौकरियों के मार्ग प्रशस्त कर रहा है। पहले से ही युवा रोजगार न मिलने से परेशान हैं।

बेरोजगार रोजगार की तलाश में भड़क रहे
जम्मू। बेरोजगार युवा रोजगार की तलाश में सड़कों पर धक्के खा रहे हैं। सरकार युवाओं को रोजगार देने में विफल रही।
यह बात आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता हर्ष देव सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि हजारों बेरोजगार युवाओं की आजीविका छीन ली गई, बल्कि उनके आत्मसम्मान को भी सबसे आघात पहुंचाया है। उन्होंने एनवाईसी, आरईके, आरईजेड, आरईजे सेवाओं को बंद करने के सरकार के कदम की कड़ी निंदा की है।
सिंह ने उक्त युवाओं को हटाने के सरकारी आदेश को वापस लेने का आह्वान किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed