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सोनमर्ग जैसे प्राधिकरण को बंद ही कर देना चाहिए : हाईकोर्ट
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जम्मू। कश्मीर के सोनमर्ग विकास प्राधिकरण के कामकाज को लेकर उच्च न्यायालय ने तलख टिप्पणी की है। न्यायालय ने कहा है कि यदि सोनमर्ग विकास प्राधिकरण जैसे प्राधिकरण कोई विकास कार्य करने की स्थिति में नहीं हैं, तो न्यायालय ऐसे प्राधिकरणों को समाप्त करने के लिए सरकार से सिफारिश करेगा क्योंकि सफेद हाथियों को केवल जनता के धन की हेराफेरी के उद्देश्य से रखने का कोई फायदा नहीं है।
मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और न्यायाधीश मोक्षा खजूरिया काजमी ने सोमवार को कड़ा एतराज जताया। दरअसल सिंध नाले की चारदिवारी करने को लेकर हाईकोर्ट ने जानकारी मांगी थी, लेकिन प्राधिकरण की ओर से जो जानकारी दी गई, उस पर हाईकोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ। रिपोर्ट देखने के बाद पाया कि विभाग उक्त भूमि को पुन: प्राप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठा रहा है, लेकिन क्या कदम उठाए जाने का प्रस्ताव है या क्या कदम उठाए गए हैं, इसका संकेत नहीं दिया गया। किस तरह से सीमांकन किया गया है और कोई सीमा स्तंभ खड़ा किया गया है या नहीं, इसका खुलासा नहीं किया गया है। ऐसी जानकारी के अभाव में यह विश्वास करने लायक नहीं है कि सीमांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है या अतिक्रमित भूमि को पुन: प्राप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
प्री मेच्योर रिटायरमेंट रद़द करने का आदेश बरकरार
जम्मू। इंचार्ज सहायक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर एजाज अहमद किरमानी को दी गई प्री मेच्योर रिटायरमेंट को रद़द करने का आदेश बरकरार रहेगा। रिट कोर्ट ने इस रिटायरमेंट के आदेश को रद्द कर दिया था, जिसे संबंधित विभाग ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। सोमवार को न्यायाधीश अली मोहम्मद मागरे और पुनित गुप्ता वाली खंडपीठ ने इससे जुड़ी याचिका पर सुनवाई की। खंडपीठ ने महसूस किया कि रिट कोर्ट का मानना है कि प्रतिवादी को उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के तथ्य के कारण समय से पहले सेवानिवृत्त नहीं किया जा सकता था। यह लगता है कि रिट कोर्ट ने न्याय करते वक्त कुछ गलत निर्णय लिया हो।
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झेलम नदी पर चार हफ्तों के भीतर एटीआर मांगी
जम्मू। झेलम नदी में बाढ़ नियंत्रण और तटबंध में सुधार को लेकर यदि कोई योजना है तो इसे लेकर सरकार एटीआर दायर करे। झेलम नदी की बहाली और वैज्ञानिक तर्ज पर रोकथाम योजनाओं के संबंध में एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह सब कहा। चार सप्ताह की अवधि के भीतर आयुक्त सचिव को इसे लेकर हलफनामा दायर करने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट दर्ज नहीं होने की स्थिति में आयुक्त-सचिव व्यक्तिगत रूप से अभिलेख के साथ अगली तिथि पर न्यायालय के समक्ष उपस्थित होंगे।
रिश्वत मामले में पटवारी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
जम्मू। रिश्वत मामले में फरार गंग्याल पटवार हल्का के पटवारी आरिश परवेज की अग्रिम जमानत अर्जी को अतिरिक्त सेशन जज एंटी करप्शन रितेश कुमार ने खारिज कर दिया। वह 10 मई 2022 से फरार चल रहा है। पटवारी ने फर्द काटने के लिए 35 हजार रुपये मांगे थे। पटवारी ने अपने साथ एक दलाल को भी रखा था। जिसे एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने दबोच लिया, लेकिन पटवारी मौके से फरार हो गया। अब उसने इसकी अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया है।
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मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और न्यायाधीश मोक्षा खजूरिया काजमी ने सोमवार को कड़ा एतराज जताया। दरअसल सिंध नाले की चारदिवारी करने को लेकर हाईकोर्ट ने जानकारी मांगी थी, लेकिन प्राधिकरण की ओर से जो जानकारी दी गई, उस पर हाईकोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ। रिपोर्ट देखने के बाद पाया कि विभाग उक्त भूमि को पुन: प्राप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठा रहा है, लेकिन क्या कदम उठाए जाने का प्रस्ताव है या क्या कदम उठाए गए हैं, इसका संकेत नहीं दिया गया। किस तरह से सीमांकन किया गया है और कोई सीमा स्तंभ खड़ा किया गया है या नहीं, इसका खुलासा नहीं किया गया है। ऐसी जानकारी के अभाव में यह विश्वास करने लायक नहीं है कि सीमांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है या अतिक्रमित भूमि को पुन: प्राप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
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प्री मेच्योर रिटायरमेंट रद़द करने का आदेश बरकरार
जम्मू। इंचार्ज सहायक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर एजाज अहमद किरमानी को दी गई प्री मेच्योर रिटायरमेंट को रद़द करने का आदेश बरकरार रहेगा। रिट कोर्ट ने इस रिटायरमेंट के आदेश को रद्द कर दिया था, जिसे संबंधित विभाग ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। सोमवार को न्यायाधीश अली मोहम्मद मागरे और पुनित गुप्ता वाली खंडपीठ ने इससे जुड़ी याचिका पर सुनवाई की। खंडपीठ ने महसूस किया कि रिट कोर्ट का मानना है कि प्रतिवादी को उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के तथ्य के कारण समय से पहले सेवानिवृत्त नहीं किया जा सकता था। यह लगता है कि रिट कोर्ट ने न्याय करते वक्त कुछ गलत निर्णय लिया हो।
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झेलम नदी पर चार हफ्तों के भीतर एटीआर मांगी
जम्मू। झेलम नदी में बाढ़ नियंत्रण और तटबंध में सुधार को लेकर यदि कोई योजना है तो इसे लेकर सरकार एटीआर दायर करे। झेलम नदी की बहाली और वैज्ञानिक तर्ज पर रोकथाम योजनाओं के संबंध में एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह सब कहा। चार सप्ताह की अवधि के भीतर आयुक्त सचिव को इसे लेकर हलफनामा दायर करने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट दर्ज नहीं होने की स्थिति में आयुक्त-सचिव व्यक्तिगत रूप से अभिलेख के साथ अगली तिथि पर न्यायालय के समक्ष उपस्थित होंगे।
रिश्वत मामले में पटवारी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
जम्मू। रिश्वत मामले में फरार गंग्याल पटवार हल्का के पटवारी आरिश परवेज की अग्रिम जमानत अर्जी को अतिरिक्त सेशन जज एंटी करप्शन रितेश कुमार ने खारिज कर दिया। वह 10 मई 2022 से फरार चल रहा है। पटवारी ने फर्द काटने के लिए 35 हजार रुपये मांगे थे। पटवारी ने अपने साथ एक दलाल को भी रखा था। जिसे एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने दबोच लिया, लेकिन पटवारी मौके से फरार हो गया। अब उसने इसकी अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया है।