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जम्मू नगर निगम का पुनर्गठन होगा
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जम्मू। जम्मू नगर निगम (जेएमसी) के संचालन को अधिक कुशल, प्रभावी और केंद्रित बनाने के लिए इसका पुनर्गठन किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद निगम में प्रशासन, राजस्व, स्वास्थ्य व स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, भवन, लेखा और योजना, कानूनी, पशु चिकित्सा, परिवहन, सूचना विज्ञान, इंजीनियरिंग, फूलों की खेती और विविध गतिविधियों के लिए समर्पित विंग होंगे। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई प्रशासनिक परिषद की बैठक में आवास व शहरी विकास विभाग के निगम को पुनर्गठन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
बताया गया कि जेएमसी में जनशक्ति और बुनियादी ढांचे के विस्तार के बिना 32 वर्ग किमी. के क्षेत्र को कवर करने वाले 23 वार्डों से बढ़ाकर 112 वर्ग किमी. में फैले 71 वार्ड हो गए हैं। वर्तमान में कुल स्वीकृत 2623 पदों पर 1540 नियमित कर्मचारी हैं। इसके अलावा 1741 कर्मियों को आउटसोर्स किया गया है जिसमें 724 कैजुअल/कांट्रैक्च्युअल प्रबंधन है। जेएमसी का वार्षिक खर्च 106.81 करोड़ रुपये है। आत्मनिर्भर मॉडल स्थापित करने की दिशा में निगम में राजस्व सृजन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसमें निगम द्वारा संपत्ति कर लगाने, भवन अनुमति शुल्क संशोधन, दुकानों, खुले स्थानों और भवनों के किराए में संशोधन, नीलामी सामग्री, टावर शुल्क, जब्त की गई वस्तुओं और सामान पर शुल्क वृद्धि आदि में निगम सक्षम होगा।
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बताया गया कि जेएमसी में जनशक्ति और बुनियादी ढांचे के विस्तार के बिना 32 वर्ग किमी. के क्षेत्र को कवर करने वाले 23 वार्डों से बढ़ाकर 112 वर्ग किमी. में फैले 71 वार्ड हो गए हैं। वर्तमान में कुल स्वीकृत 2623 पदों पर 1540 नियमित कर्मचारी हैं। इसके अलावा 1741 कर्मियों को आउटसोर्स किया गया है जिसमें 724 कैजुअल/कांट्रैक्च्युअल प्रबंधन है। जेएमसी का वार्षिक खर्च 106.81 करोड़ रुपये है। आत्मनिर्भर मॉडल स्थापित करने की दिशा में निगम में राजस्व सृजन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसमें निगम द्वारा संपत्ति कर लगाने, भवन अनुमति शुल्क संशोधन, दुकानों, खुले स्थानों और भवनों के किराए में संशोधन, नीलामी सामग्री, टावर शुल्क, जब्त की गई वस्तुओं और सामान पर शुल्क वृद्धि आदि में निगम सक्षम होगा।
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