उपराज्यपाल बोले: सभी विभाग दस अप्रैल तक मंजूर कार्य योजनाओं को पोर्टल पर अपलोड़ करें
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि प्रदेश के तीव्र विकास के लिए बजट के कार्यान्वयन के लिए कार्य उन्मुख योजना तैयार होनी चाहिए। प्रशासनिक सचिवों व अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक में जम्मू कश्मीर के लिए बजट 2022-23 में घोषित विभिन्न कवायदों के प्रभावी कार्यान्वयन पर चर्चा की।
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वर्ष 2022-23 के बजट के अंतर्गत सभी प्रशासनिक विभागों को दस अप्रैल तक मंजूर कार्य योजना को बीम्स पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। कहा कि प्रदेश के तीव्र विकास के लिए बजट के कार्यान्वयन के लिए कार्य उन्मुख योजना तैयार होनी चाहिए। प्रशासनिक सचिवों व अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक में जम्मू कश्मीर के लिए बजट 2022-23 में घोषित विभिन्न कवायदों के प्रभावी कार्यान्वयन पर चर्चा के लिए बुलाई बैठक में उपराज्यपाल ने यह दिशा निर्देश जारी किए।
संस्थाओं की मजबूती से समाज में बदलाव दिखता है
उपराज्यपाल ने कहा कि कार्य उन्मुख योजना से तेज आर्थिक विकास सुनिश्चित होता है और संस्थाओं की मजबूती से समाज में बदलाव दिखता है। उन्होंने कहा जम्मू-कश्मीर की खुशहाली से प्रत्येक नागरिक का विकास सुनिश्चित होगा। उन्होंने प्रशासनिक विभागों और जिला प्रशासन को जन प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों से परामर्श और आपसी समन्वय से प्रदेश और जिला योजनाओं को तैयार करने के लिए कहा।
आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचना चाहिए
उन्होंने कहा, ढांचागत विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायती राज संस्थानों की मजबूती, रोजगार, युवा, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं के लिए बजट समर्थन में बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में आखिरी पंक्ति में खड़े आखिरी व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचना चाहिए।
पिछले वित्त वर्ष में 15180 करोड़ का टैक्स एकत्र हुआ
उन्होंने कहा कि इस अवसर पर प्रदेश में टैक्स एकत्र करने के कार्य में पिछले वित्त वर्ष में 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है और 15180 करोड़ का टैक्स एकत्र हुआ है। 810 करोड़ की बिजली खरीद देनदारी को क्लीयर किया गया है और बिजली किराये के तौर पर 625 करोड़ ज्यादा वसूल किए गए हैं। कीरू और रटले पन बिजली परियोजनाओं के लिए 600 करोड़ की हिस्सेदारी सहयोग भी जारी कर दिया गया है।
पारदर्शी तरीके से तंत्र काम कर रहा
उपराज्यपाल ने प्रदेश की सरकारी मशीनरी पर भरोसा जताते हुए कहा कि पारदर्शी तरीके से तंत्र काम कर रहा है। उन्होंने प्रशासनिक सचिवों, जिला उपायुक्तों व अन्य संबंधित अधिकारियों को सीमांत क्षेत्रों व गांवों के अलावा महिलाओं व युवा सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
अधिकारियों को मिशन मोड से कार्य करने को कहा
उन्होंने कहा, वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण, नशा मुक्ति अभियान, जल जीवन मिशन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और ढांचे को भी खास प्राथमिकता दी जाएगी। इस अवसर पर मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता ने अधिकारियों को मिशन मोड से कार्य करने को कहा ताकि जम्मू-कश्मीर में आर्थिक विकास की गति को और तेज किया जा सके।
वित्त विभाग के वित्त आयुक्त अटल डुल्लू ने इस अवसर पर ऐतिहासिक 112950 करोड़ का बजट 2022-23 के लिए मंजूर हुआ है और इससे जम्मू कश्मीर में जन आकांक्षाओं को पूरा किया जा सकेगा।