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जम्मू और श्रीनगर में दो क्षेत्रीय योग केंद्र स्थापित होंगे
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जम्मू। जम्मू कश्मीर के घर घर तक योग को पहुंचाने की दिशा में सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल जम्मू और सरकारी यूनानी अस्पताल शालतेंग, श्रीनगर में दो क्षेत्रीय स्तर के योग चिकित्सा और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से वाईसीबी प्रमाणित योग पेशेवर तैयार किए जाएंगे। इस शुरुआत से स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार लाने में मदद मिलेगी। इसके लिए वीरवार को एसकेआईसीसी श्रीनगर में केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल की मौजूदगी में आयुष निदेशक जम्मू कश्मीर डा. मोहन सिंह ने मोरारजी देसाई योग संस्थान नई दिल्ली के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। केंद्रीय मंत्री अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण के लिए यूनानी चिकित्सा में आहार और पोषण विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में पहुंचे थे।
सम्मेलन में दुनियाभर के शोधकर्ता और शिक्षाविद व्यक्तिगत रूप या आनलाइन मोड के माध्यम से जुड़े। आयुष मंत्री सोनोवाल ने कहा कि हकीम अजमल खान जैसे प्रमुख यूनानी चिकित्सकों की विरासत को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। यूनानी चिकित्सा पदति को व्यापक रूप से स्वीकृत उपचार बनाने के लिए व्यापक शोध किया जाना चाहिए। इस प्रणाली को नवीनतम तकनीक, वैज्ञानिक विकास और अनुसंधान के उपयोग के साथ आगे बढ़ाना चाहिए। इस बीच आयुष निदेशालय जम्मू कश्मीर के योग प्रशिक्षकों द्वारा लाइव योग सत्र आयोजित किया गया। सम्मेलन में जम्मू कश्मीर में आयुष के बढ़त कदम, विषय के साथ एक वीडियो वृत्तचित्र दिखाया गया था। इसमें स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार के लिए प्राथमिक, माध्यमिक, तृतीयक देखभाल में आयुष क्षेत्र की भूमिका और महत्व पर जोर दिया गया था। केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद आयुष मंत्रालय ने प्रख्यात यूनानी चिकित्सक और विद्वान हकीम अजमल खान की जयंती के उपलक्ष्य में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजनकिया था। स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विवेद भारद्वाज ने आयुष प्रणाली के डाक्टरों और शोधकर्ताओं से आयुष क्षेत्र के डाक्टरों और शोधकर्ताओंसे आयुष क्षेत्र को यूटी में लोकप्रिय बनाने में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
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सम्मेलन में दुनियाभर के शोधकर्ता और शिक्षाविद व्यक्तिगत रूप या आनलाइन मोड के माध्यम से जुड़े। आयुष मंत्री सोनोवाल ने कहा कि हकीम अजमल खान जैसे प्रमुख यूनानी चिकित्सकों की विरासत को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। यूनानी चिकित्सा पदति को व्यापक रूप से स्वीकृत उपचार बनाने के लिए व्यापक शोध किया जाना चाहिए। इस प्रणाली को नवीनतम तकनीक, वैज्ञानिक विकास और अनुसंधान के उपयोग के साथ आगे बढ़ाना चाहिए। इस बीच आयुष निदेशालय जम्मू कश्मीर के योग प्रशिक्षकों द्वारा लाइव योग सत्र आयोजित किया गया। सम्मेलन में जम्मू कश्मीर में आयुष के बढ़त कदम, विषय के साथ एक वीडियो वृत्तचित्र दिखाया गया था। इसमें स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार के लिए प्राथमिक, माध्यमिक, तृतीयक देखभाल में आयुष क्षेत्र की भूमिका और महत्व पर जोर दिया गया था। केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद आयुष मंत्रालय ने प्रख्यात यूनानी चिकित्सक और विद्वान हकीम अजमल खान की जयंती के उपलक्ष्य में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजनकिया था। स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विवेद भारद्वाज ने आयुष प्रणाली के डाक्टरों और शोधकर्ताओं से आयुष क्षेत्र के डाक्टरों और शोधकर्ताओंसे आयुष क्षेत्र को यूटी में लोकप्रिय बनाने में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
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