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पर्यावरण नियमों की उड़ाई धज्जियां, एमसी कट़ड़ा पर एक करोड़ का जुर्माना
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जम्मू। कचरे के उचित निस्तारण के दावे करने वाली म्युनिसिपल कमेटियां (एमसी) खुद ही पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ा रही हैं। नदियों में खुलेआम कचरा फेंक कर पर्यावरण को दूषित किया जा रहा है। जम्मू कश्मीर प्रदूषण नियंत्रण समिति (जेकेपीसीसी) ने म्युनिसिपल कमेटी कटड़ा पर म्युनिसिपल सालिड वेस्ट रूल्स, 2016 के तहत अवैज्ञानिक डंपिंग और ठोस कचरे के निपटान का उल्लंघन करने पर एक करोड़, छह लाख और आठ हजार रुपये का पर्यावरण (जुर्माना) मुआवजा लगाया है। कार्यकारी अधिकारी म्युनिसिपल कमेटी कटड़ा को पर्यावरण मुआवजा राशि अकाउंट में आदेश के 45 दिन में जमा करवानी होगी, जिसके बाद 12 फीसदी ब्याज लगेगा।
जेकेपीसीसी जम्मू के सदस्य सचिव के रोमेश कुमार की ओर से जारी आदेश में बताया गया कि एमसी कटड़ा की ओर से अवैज्ञानिक ढंग से सालिड वेस्ट (कचरे) को तनतालाब में फेंका जा रहा है जो झज्जर नदी से सटा हुआ है। इससे नदी प्रदूषित हो रही है। इसमें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के दिशा निर्देशों का उल्लंघन पाया गया है। इसके लिए गत जनवरी के शुरू में मुख्य कार्यकारी अधिकारी म्युनिसिपल कमेटी कटड़ा को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इससे पहले भी एमसी कटड़ा को कई नोटिस जारी करके चेतावनी दी गई, लेकिन कोई उचित प्रबंध नहीं किए गए। इस बीच झज्जर नदी में अवैज्ञानिक ढंग से कचरे के डंपिंग की कई शिकायतें मिलीं। इसके बाद मुआवजा तय करने के लिए मामले को विशेषज्ञों की समिति के पास भेजा गया, जिसमें एमसी कटड़ा पर 178 दिन का मुआवजा लगाया गया है। इससे पहले नगरपालिका परिषद राजोरी पर 61.80 लाख और नगरपालिका परिषद कठुआ पर 82.40 लाख रुपये का पर्यावरण मुआवजा लगाया जा चुका है।
हमारे संज्ञान में अभी मामला नहीं : चेयरमैन
म्युनिसिपल कमेटी कटड़ा के चेयरमैन विमल इंदु का कहना है कि जेकेपीसीसी की ओर से एमसी कटड़ा पर लगाए गए पर्यावरण मुआवजे के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
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रामबन और राजोरी में भी इन स्टोन क्रशरों पर कार्रवाई
जेकेपीसीसी की ओर से जिला उपायुक्त रामबन को एम/एस मिलथ कर्व इंजी. एंड ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड (हाट मिक्स प्लांट) धंधराथ, सिलधार रामबन से 260400 पर्यावरण मुआवजा रिकवरी करने के आदेश दिए गए हैं। इसी तरह जिला उपायुक्त रामबन को एम/एस टीआरजी इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड (हाट मिक्स प्लांट) हदोग सुंबर रोड रामबन से 154000, एम/एस टीआरजी इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड (स्टोन क्रशर) जोवाहरी, हदोग सुंबर रोड रामबन से 154000, एम/एस चौधरी जागर सिंह कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड (स्टोन क्रशर) से 260400, एम/एस गामून इंजीनियर्स एंड कांट्रेक्टर प्राइवेट लिमिटेड (मोबाइल स्टोन क्रशर) डलवास, रामबन से 108000 रुपये पर्यावरण मुआवजा रिकवर करने को कहा गया है। इसी तरह राजोरी में एम/एस शंकर स्टोन क्रशर, वीपीओ सारानू तहसील व जिला राजोरी पर 171000, राजोरी में ही एम/एस डायमंड क्रशर, वीपीओ सारानू पर 171000 रुपये का पर्यावरण मुआवजा लगाया गया है।
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एनजीटी के दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन हो रहा : क्षेत्रीय निदेशक
जम्मू कश्मीर प्रदूषण नियंत्रण समिति के क्षेत्रीय निदेशक सतपाल बाखरू ने बताया कि प्रदूषण नियमों का उल्लंघन करने वाली म्युनिसिपल कमेटियों और अन्य संस्थानों पर उचित पर्यावरण मुआवजा लगाया जा रहा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन किया जा रहा है।
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जेकेपीसीसी जम्मू के सदस्य सचिव के रोमेश कुमार की ओर से जारी आदेश में बताया गया कि एमसी कटड़ा की ओर से अवैज्ञानिक ढंग से सालिड वेस्ट (कचरे) को तनतालाब में फेंका जा रहा है जो झज्जर नदी से सटा हुआ है। इससे नदी प्रदूषित हो रही है। इसमें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के दिशा निर्देशों का उल्लंघन पाया गया है। इसके लिए गत जनवरी के शुरू में मुख्य कार्यकारी अधिकारी म्युनिसिपल कमेटी कटड़ा को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इससे पहले भी एमसी कटड़ा को कई नोटिस जारी करके चेतावनी दी गई, लेकिन कोई उचित प्रबंध नहीं किए गए। इस बीच झज्जर नदी में अवैज्ञानिक ढंग से कचरे के डंपिंग की कई शिकायतें मिलीं। इसके बाद मुआवजा तय करने के लिए मामले को विशेषज्ञों की समिति के पास भेजा गया, जिसमें एमसी कटड़ा पर 178 दिन का मुआवजा लगाया गया है। इससे पहले नगरपालिका परिषद राजोरी पर 61.80 लाख और नगरपालिका परिषद कठुआ पर 82.40 लाख रुपये का पर्यावरण मुआवजा लगाया जा चुका है।
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हमारे संज्ञान में अभी मामला नहीं : चेयरमैन
म्युनिसिपल कमेटी कटड़ा के चेयरमैन विमल इंदु का कहना है कि जेकेपीसीसी की ओर से एमसी कटड़ा पर लगाए गए पर्यावरण मुआवजे के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
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रामबन और राजोरी में भी इन स्टोन क्रशरों पर कार्रवाई
जेकेपीसीसी की ओर से जिला उपायुक्त रामबन को एम/एस मिलथ कर्व इंजी. एंड ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड (हाट मिक्स प्लांट) धंधराथ, सिलधार रामबन से 260400 पर्यावरण मुआवजा रिकवरी करने के आदेश दिए गए हैं। इसी तरह जिला उपायुक्त रामबन को एम/एस टीआरजी इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड (हाट मिक्स प्लांट) हदोग सुंबर रोड रामबन से 154000, एम/एस टीआरजी इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड (स्टोन क्रशर) जोवाहरी, हदोग सुंबर रोड रामबन से 154000, एम/एस चौधरी जागर सिंह कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड (स्टोन क्रशर) से 260400, एम/एस गामून इंजीनियर्स एंड कांट्रेक्टर प्राइवेट लिमिटेड (मोबाइल स्टोन क्रशर) डलवास, रामबन से 108000 रुपये पर्यावरण मुआवजा रिकवर करने को कहा गया है। इसी तरह राजोरी में एम/एस शंकर स्टोन क्रशर, वीपीओ सारानू तहसील व जिला राजोरी पर 171000, राजोरी में ही एम/एस डायमंड क्रशर, वीपीओ सारानू पर 171000 रुपये का पर्यावरण मुआवजा लगाया गया है।
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एनजीटी के दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन हो रहा : क्षेत्रीय निदेशक
जम्मू कश्मीर प्रदूषण नियंत्रण समिति के क्षेत्रीय निदेशक सतपाल बाखरू ने बताया कि प्रदूषण नियमों का उल्लंघन करने वाली म्युनिसिपल कमेटियों और अन्य संस्थानों पर उचित पर्यावरण मुआवजा लगाया जा रहा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन किया जा रहा है।