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जनजातीय समुदाय की लोक परंपरा, सांस्कृतिक से जुड़े विषय पर होगा अनुसंधान
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर के जनजातीय समुदाय का स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, समाज और संस्कृति पर डिजिटलीकरण का प्रभाव, संस्कृति का प्रलेखन, कोविड-19 का प्रभाव सहित समुदाय से जुड़े 14 विभिन्न प्रोजेक्टों पर अनुसंधान किया जाएगा। जनजातीय मामलों के विभाग के अधीन जनजातीय अनुसंधान संस्थान जम्मू-कश्मीर की ओर से फेलोशिप दी जाएगी। विभाग ने इसके लिए युवाओं से ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। फेलोशिप के लिए चिह्नित युवाओं को आर्थिक मदद भी मिलेगी।
जनजातीय समुदाय की लोक परंपरा सांस्कृतिक सहित अन्य पहलुओं को जानने के लिए विभाग की ओर से इस कार्यक्रम को शुरू किया गया है। 14 विभिन्न प्रोजेक्टों में फेलोशिप दी जाएगी। हर प्रोजेक्ट के लिए दो लोगो का चयन होगा, जिसमें एक फेलो और एक अतिरिक्त फेलो का चयन होगा। फेलो में इस कार्य के लिए प्रति माह 40 हजार, जबकि अतिरिक्त फेलो में 30 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। विभाग जनजातीय समुदाय पर सरकारी योजनाओं के लाभ, खाद्य सुरक्षा का जनजातीय समुदाय की महिलाओं पर असर, समुदाय के कारीगरों के सामने चुनौतियां, जल जीवन मिशन के तहत समुदाय के पास पानी की सुविधा, स्कूल छोड़ने वाले बच्चों पर कोविड-19 का असर, समुदाय के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं, संस्कृति, इतिहास सहित अन्य पहलुओं पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, ताकि भविष्य में समुदाय के कल्याण के लिए बेहतर कार्ययोजना बना सकें।
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जनजातीय पुरस्कार के लिए 19 तक करें आवेदन
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के जनजातीय लोगों के विकास में व्यक्तियों, गैर सरकारी संगठनों और संस्थानों द्वारा किए गए योगदान को महत्व देने के लिए प्रदेश जनजातीय अनुसंधान संस्थान ने जनजातीय पुरस्कारों के पहले संस्करण के लिए नामांकन आमंत्रित किए हैं। जनजातीय मामलों के विभाग के सचिव और निदेशक जनजातीय अनुसंधान संस्थान डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने कहा कि जनजातीय पुरस्कारों का पहला संस्करण उन लोगों के योगदान को पहचानना है जिन्होंने समुदाय के सामाजिक-आर्थिक स्थिति का अनुसंधान और उत्थान किया है। इसके तहत दस अवॉडॅ दिए जाएंगे, जिसमें पांच पुरुष और पांच महिलाएं होंगी। इसमें नकद पुरस्कार पचास हजार रुपये तक का होगा। इस अवार्ड के लिए नामांकन 11 से 19 जनवरी तक संबंधित जिला उपायुक्त कार्यालयों में किए जा सकेंगे और 26 जनवरी को इन पुरस्कारों की घोषणा की जाएगी।
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जनजातीय समुदाय की लोक परंपरा सांस्कृतिक सहित अन्य पहलुओं को जानने के लिए विभाग की ओर से इस कार्यक्रम को शुरू किया गया है। 14 विभिन्न प्रोजेक्टों में फेलोशिप दी जाएगी। हर प्रोजेक्ट के लिए दो लोगो का चयन होगा, जिसमें एक फेलो और एक अतिरिक्त फेलो का चयन होगा। फेलो में इस कार्य के लिए प्रति माह 40 हजार, जबकि अतिरिक्त फेलो में 30 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। विभाग जनजातीय समुदाय पर सरकारी योजनाओं के लाभ, खाद्य सुरक्षा का जनजातीय समुदाय की महिलाओं पर असर, समुदाय के कारीगरों के सामने चुनौतियां, जल जीवन मिशन के तहत समुदाय के पास पानी की सुविधा, स्कूल छोड़ने वाले बच्चों पर कोविड-19 का असर, समुदाय के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं, संस्कृति, इतिहास सहित अन्य पहलुओं पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, ताकि भविष्य में समुदाय के कल्याण के लिए बेहतर कार्ययोजना बना सकें।
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जनजातीय पुरस्कार के लिए 19 तक करें आवेदन
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के जनजातीय लोगों के विकास में व्यक्तियों, गैर सरकारी संगठनों और संस्थानों द्वारा किए गए योगदान को महत्व देने के लिए प्रदेश जनजातीय अनुसंधान संस्थान ने जनजातीय पुरस्कारों के पहले संस्करण के लिए नामांकन आमंत्रित किए हैं। जनजातीय मामलों के विभाग के सचिव और निदेशक जनजातीय अनुसंधान संस्थान डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने कहा कि जनजातीय पुरस्कारों का पहला संस्करण उन लोगों के योगदान को पहचानना है जिन्होंने समुदाय के सामाजिक-आर्थिक स्थिति का अनुसंधान और उत्थान किया है। इसके तहत दस अवॉडॅ दिए जाएंगे, जिसमें पांच पुरुष और पांच महिलाएं होंगी। इसमें नकद पुरस्कार पचास हजार रुपये तक का होगा। इस अवार्ड के लिए नामांकन 11 से 19 जनवरी तक संबंधित जिला उपायुक्त कार्यालयों में किए जा सकेंगे और 26 जनवरी को इन पुरस्कारों की घोषणा की जाएगी।
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