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वन विभाग में 8 अतिरिक्त पद सृजित करने के निर्देश
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राजोरी/जम्मू। जम्मू-कश्मीर सरकार ने एक अहम मामले में जिला कैडर राजोरी में वन, पारिस्थितिकी व पर्यावरण विभाग में आठ सुपरर्नूमरेरी (अतिरिक्त) पद सृजित करने के निर्देश दिए हैं। यह फैसला सर्वोच्च न्यायालय के आदेश और वित्त विभाग की मंजूरी के बाद लिया गया है। इन पदों पर 2006 में वन विभाग के लिए विज्ञापित हुए आठ पदों में क्वालीफाई करने वाले याचिकाकर्ताओं को लाभ दिया जाएगा, जिसके बाद विभाग में अन्य पद खाली होने पर इन्हें एडजस्ट कर दिया जाएगा।
मामले के अनुसार जीएडी के एक आदेश में 9 जनवरी 2006 को विभिन्न विभागों में 75 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए पद निकाले गए थे। इसमें कृषि उत्पादन व किसान कल्याण विभाग में 15, पशु व भेड़ पालन में 9, वित्त विभाग में 1, वन, पारिस्थितिकी विभाग में 9, जन स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग में 1, पब्लिक वर्क्स (आरएंडबी) विभाग में 6, राजस्व विभाग में 9 और स्कूल शिक्षा विभाग में 25 पद थे। इनमें वन, पारिस्थितिकी व पर्यावरण विभाग में नौ उम्मीदवारों ने सभी औपचारिकताओं को क्वालीफाई किया, लेकिन वन विभाग में उन्हें ज्वाइन नहीं करने दिया गया। विभाग ने तर्क दिया कि उनके पास पद उपलब्ध नहीं हैं। जिसके बाद उम्मीदवारों ने न्यायपालिका में लड़ाई लड़ी। इसके बाद जिला उपायुक्त राजोरी की ओर से नौ पदों को संशोधित करके पशु पालन विभाग में भेजा गया, लेकिन वहां भी इनकी विभागीय स्तर पर सांविधानिक भर्ती प्रक्रिया पूरी न होने का तर्क देकर नियुक्तियां नहीं की गईं। इसमें संजय सिंह बनाम अरुण कुमार मेहता व अन्य के बीच सर्वोच्च न्यायालय में लड़ाई लड़ी गई। जिसके बाद न्यायालय के आदेश के बाद विभाग में अतिरिक्त आठ पद सृजित करने का फैसला लिया गया। किसी विभाग में यह अपनी तरह का अलग फैसला है। सरकार के आदेश अनुसार वन विभाग में नियमित रिक्तियां उपलब्ध होने के बाद उक्त 8 पदों को समाप्त कर दिया जाएगा।
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मामले के अनुसार जीएडी के एक आदेश में 9 जनवरी 2006 को विभिन्न विभागों में 75 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए पद निकाले गए थे। इसमें कृषि उत्पादन व किसान कल्याण विभाग में 15, पशु व भेड़ पालन में 9, वित्त विभाग में 1, वन, पारिस्थितिकी विभाग में 9, जन स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग में 1, पब्लिक वर्क्स (आरएंडबी) विभाग में 6, राजस्व विभाग में 9 और स्कूल शिक्षा विभाग में 25 पद थे। इनमें वन, पारिस्थितिकी व पर्यावरण विभाग में नौ उम्मीदवारों ने सभी औपचारिकताओं को क्वालीफाई किया, लेकिन वन विभाग में उन्हें ज्वाइन नहीं करने दिया गया। विभाग ने तर्क दिया कि उनके पास पद उपलब्ध नहीं हैं। जिसके बाद उम्मीदवारों ने न्यायपालिका में लड़ाई लड़ी। इसके बाद जिला उपायुक्त राजोरी की ओर से नौ पदों को संशोधित करके पशु पालन विभाग में भेजा गया, लेकिन वहां भी इनकी विभागीय स्तर पर सांविधानिक भर्ती प्रक्रिया पूरी न होने का तर्क देकर नियुक्तियां नहीं की गईं। इसमें संजय सिंह बनाम अरुण कुमार मेहता व अन्य के बीच सर्वोच्च न्यायालय में लड़ाई लड़ी गई। जिसके बाद न्यायालय के आदेश के बाद विभाग में अतिरिक्त आठ पद सृजित करने का फैसला लिया गया। किसी विभाग में यह अपनी तरह का अलग फैसला है। सरकार के आदेश अनुसार वन विभाग में नियमित रिक्तियां उपलब्ध होने के बाद उक्त 8 पदों को समाप्त कर दिया जाएगा।
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