फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu-Kashmir: Politics heats up on the proposal of the Delimitation Commission, all parties except BJP objected

जम्मू-कश्मीर: परिसीमन आयोग के प्रस्ताव पर गर्माई सियासत, भाजपा को छोड़ सभी दलों ने जताया एतराज

Tue, 21 Dec 2021 02:24 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो Updated Tue, 21 Dec 2021 02:24 AM IST
सार

धार्मिक व क्षेत्र के आधार पर लोगों को बांटकर पांच अगस्त 2019 को असांविधानिक व अवैध फैसलों को वैधानिक रूप देने के लिए भाजपा प्रदेश में सरकार बनाने के लिए पूरा गेम प्लान चल रही है।

विज्ञापन
Jammu-Kashmir: Politics heats up on the proposal of the Delimitation Commission, all parties except BJP objected
परिसीमन आयोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

परिसीमन आयोग के जम्मू संभाग में छह और कश्मीर में एक विधानसभा सीट बढ़ाने के प्रस्ताव पर प्रदेश में सियासत गर्मा गई है। जहां नेकां, पीसी, पीडीपी और अपनी पार्टी ने इस प्रस्ताव पर एतराज जताया है, कांग्रेस ने भी इस पर सवाल उठाए हैं। वहीं भाजपा इसका स्वागत कर रही है।

विज्ञापन


भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना ने कहा कि चुनाव आयोग ने प्रदेश के सांसदों के साथ परिसीमन आयोग की रिपोर्ट का मसौदा व प्रस्ताव साझा किया है। हालांकि भाजपा को अभी प्रस्तावित रिपोर्ट की कोई प्रति नहीं मिली है, लेकिन अभी तक मिली सूचना के आधार पर लग रहा है कि आयोग ने प्रस्ताव तैयार करने में हर क्षेत्र को ध्यान रखा है और कड़ी मेहनत की है। नेकां, पीडीपी और कांग्रेस पूरे जम्मू कश्मीर की नहीं। केवल विशेष क्षेत्र की बात करती है।
विज्ञापन


पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि परिसीमन आयोग केवल भाजपा के राजनीतिक हितों के लिए काम कर रहा है। धार्मिक व क्षेत्र के आधार पर लोगों को बांटकर पांच अगस्त 2019 को असांविधानिक व अवैध फैसलों को वैधानिक रूप देने के लिए भाजपा प्रदेश में सरकार बनाने के लिए पूरा गेम प्लान चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: घाटी में आज से शुरू हो रहा है भीषण ठंड के 40 दिनों का चिले कलां, 31 जनवरी को खत्म होगा


अपनी पार्टी के अध्यक्ष सईद अल्ताफ बुखारी का कहना है कि परिसीमन आयोग 2011 की जनगणना के आधार पर काम कर रहा है। ऐसे में जम्मू संभाग में छह और कश्मीर में केवल एक विधानसभा की सीट बढ़ाया जाने का प्रस्ताव स्वीकार करने योग्य नहीं है। आयोग ने लोगों की जन आकांक्षाओं और मेरिट को दरकिनार किया है।

प्रस्ताव में 2011 की जनगणना के तहत जिला आधार पर क्षेत्र व जनसंख्या को ध्यान में नहीं रखा गया है। उन्होंने केंद्र सरकार से मामले में हस्तक्षेप करने और मेरिट के आधार पर जम्मू-कश्मीर में विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन सुनिश्चित करवाने का अनुरोध किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed