अनुच्छेद-370 हटने का फायदा: जम्मू संभाग में उद्योगों के लिए 800 निवेशकों ने मांगी जमीन
सिडको व सिकॉप की एमडी समिता सेठी ने बताया कि जम्मू संभाग के विभिन्न जिलों में मंजूर हुई औद्योगिक भूमि में विस्तार पर काम किया जा रहा है। इसके साथ कई नए प्रोजेक्टों की डीपीआर तैयार करके भेजी गई है। भूमि के विस्तार के साथ औद्योगिक क्षेत्र का दायरा बढ़ेगा।
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अनुच्छेद 370 के हटने के बाद औद्योगिक क्षेत्र को गति देने के लिए निवेशकों ने रुझान दिखाया है। जम्मू संभाग में विभिन्न उद्योगों के लिए भूमि की मांग बढ़ी है। स्थानीय और देश के विभिन्न हिस्सों से भूमि के लिए करीब 800 आवेदन आए हैं। निवेशकों को जल्द भूमि आवंटन की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। इसके लिए जल्द ही उच्च स्तरीय बैठक में भूमि आवंटन को मंजूरी दी जाएगी। इसके लिए जम्मू संभाग के विभिन्न जिलों में चिह्नित हुई भूमि का औद्योगिक विस्तार किया जा रहा है। इसमें सड़क संपर्क, बिजली, पानी के अलावा प्रदूषण नियंत्रण समिति के मानकों का पालन किया जा रहा है।
जम्मू संभाग के विभिन्न जिलों में 15 हजार कनाल औद्योगिक भूमि की शिनाख्त की गई है। इसमें बड़े स्तर पर भूमि का विस्तार करने की जरूरत है। संभाग के जिला सांबा, कठुआ, उधमपुर, राजोरी, पुंछ, डोडा, किश्तवाड़, रियासी और जम्मू में छोटे बड़े हिस्सों में भूमि का विस्तार किया जा रहा है।
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कुछ माह पहले जम्मू संभाग में 1548 करोड़ रुपये की 15 परियोजनाओं के लिए सांबा और कठुआ जिला में करीब एक हजार सरकारी भूमि आवंटित की गई थी। भूमि आवंटन प्रक्रिया में नई परियोजनाओं में 50 से 200 करोड़ रुपये तक का निवेश लाने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।
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भूमि आवंटन के लिए आए आवेदनों में उन्हीं निवेशकों को प्राथमिकता मिलेगी, जो कम भूमि में अधिक निवेश के साथ अधिक रोजगार के साधन सृजित करेंगे। भूमि आवंटन प्रक्रिया के बाद परियोजनाओं में तीन साल के भीतर उत्पादन शुरू किया जाएगा।