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प्रदेश में डेयरी की अपार संभावनाएं, आर्थिकी होगी सुदृढ़
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जम्मू। प्रदेश में डेयरी की आपार संभावनाएं हैं। साथ ही मछली उत्पादन से भी लोग अपनी आर्थिकी को सुदृढ़ कर सकते हैं। यह बात केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण एवं मत्स्य पालन राज्य मंत्री डॉ. एल मुरुगन ने शनिवार को केंद्र सरकार के चल रहे जनसंपर्क कार्यक्त्रस्म के तहत शोपियां जिले के दौरे के दौरान कही। इस मौके पर मंत्री ने 260 लाख रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाले स्वास्थ्य संस्थान तुरकावंगम और 7 किलोमीटर रामनगरी-गदीपोरा नाहम सड़क का ई-उद्घाटन किया। इस पर अनुमानित लागत 283.76 लाख खर्च होगी। वहीं, 295 लाख की अनुमानित लागत से बनने वाली 4.5 किमी सुरंग सड़क सफानगरी की ई-आधारशिला रखी।
जन प्रतिनिधिमंडलों से मिलने के अलावा तकवां गतिपोरा सड़क का ई-शिलान्यास किया। इस अवसर पर जिला विकास परिषद के अध्यक्ष बिकीस जान, डीडीसी उपाध्यक्ष इरफान मन्हास, उपायुक्त शोपियां अन्य मौजूद रहे। उपायुक्त ने राज्य मंत्री को पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम चल रहे कामों के बारे में जानकारी दी। केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि जिले में मछली उत्पादन का सबसे बड़ा स्रोत होने के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन की भी बड़ी संभावनाएं हैं। जिले में पर्यटन क्षेत्र के उत्थान के लिए केंद्र शासित प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। इस दौरान कुछेक युवाओं को अपने-अपने क्षेत्रों में विभिन्न इकाइयां स्थापित करने के लिए सम्मानित किया। डॉ. मुरुगन ने भेड़ रोगों और उनके उपचार के लिए एक पुस्तक का विमोचन किया।
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जन प्रतिनिधिमंडलों से मिलने के अलावा तकवां गतिपोरा सड़क का ई-शिलान्यास किया। इस अवसर पर जिला विकास परिषद के अध्यक्ष बिकीस जान, डीडीसी उपाध्यक्ष इरफान मन्हास, उपायुक्त शोपियां अन्य मौजूद रहे। उपायुक्त ने राज्य मंत्री को पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम चल रहे कामों के बारे में जानकारी दी। केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि जिले में मछली उत्पादन का सबसे बड़ा स्रोत होने के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन की भी बड़ी संभावनाएं हैं। जिले में पर्यटन क्षेत्र के उत्थान के लिए केंद्र शासित प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। इस दौरान कुछेक युवाओं को अपने-अपने क्षेत्रों में विभिन्न इकाइयां स्थापित करने के लिए सम्मानित किया। डॉ. मुरुगन ने भेड़ रोगों और उनके उपचार के लिए एक पुस्तक का विमोचन किया।
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