जम्मू। भारत सरकार के जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ (ट्राइफेड) जम्मू-कश्मीर में जनतातीय समुदाय के कारीगर, किसान, कलाकार और अन्य कुशल श्रमिकों को आजीविका सहायता प्रदान करेगा। ट्राइफेड ने प्रदेश में 50 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का विस्तार करने का फैसला लिया है। इसके तहत जम्मू और श्रीनगर शहर में एक-एक जनजातीय हाट खोले जाएंगे और एक वर्ष में 15 करोड़ की लागत से 100 वन धन केंद्र भी शुरू होंगे। प्रदेश में जनजातीय समुदय से जुड़ी विभिन्न योजनाओ के विस्तार के लिए जम्मू-कश्मीर जनजातीय मामलों के विभाग ने केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखा था।
ट्राइफेड और जम्मू-कश्मीर जनजातीय मामलों के विभाग के बीच हुई बैठक में कई योजनाओं पर सहमति बनी और रोडमैप को अंतिम रूप दिया गया। ट्राइफेड के प्रबंध निदेशक प्रवीर कृष्ण ने जम्मू-कश्मीर के 1000 जनजातीय समुदाय के कारीगरों, उत्पादकों और किसानों को देश भर के सभी आउटलेट्स पर व्यापार के अवसर प्रदान करने के लिए सहायता और उन्हें सूचीबद्ध करने की मंजूरी दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि जम्मू और श्रीनगर शहर में जनजातीय हाट खोला जाएगा। जम्मू-कश्मीर में प्रधान मंत्री वन धन योजना के कार्यान्वयन के लिए प्रदेश जनजातीय विभाग और ट्राइफेड के बीच समझौता होगा। जनजातीय मामलों के विभाग के सचिव, डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने दो ट्राइफूड पार्कों की स्थापना का प्रस्ताव रखा।