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सुचेतगढ़ में गांधी जयंती पर बीटिंग द रिट्रीट
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जम्मू। अमृतसर के अटारी वाघा बार्डर की तर्ज पर भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे सुचेतगढ़ (जम्मू) में भारत माता की जय और जय हिंद के जयघोष गूंजेंगे। सुचेतगढ़ में 2 अक्तूबर को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की ओर से बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी को शुरू किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए पर्यटन विभाग की ओर से उपयुक्त ढांचा उपलब्ध करवाने के साथ तैयारी की जा रही है। बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी का रोजाना आयोजन होगा, जिसका उद्देश्य बार्डर पर्यटन को बढ़ावा देना है।
जिला मुख्यालय जम्मू से 28 किमी. की दूरी पर स्थित सुचेतगढ़ जिले की आरएस पुरा तहसील का अंतिम गांव है जो पाकिस्तान सीमा से सटा हुआ है। सुचेतगढ़ के दूसरी ओर पाकिस्तान का पहला शहर सियालकोट पड़ता है। बॉर्डर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग की ओर से एक विशेष गाड़ी में पर्यटकों को जम्मू से सुचेतगढ़ भेजा जाता था, लेकिन कोविड के कारण इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई। बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी में पर्यटकों के बैठने के लिए उचित व्यवस्था के साथ अन्य ढांचागत सुविधाएं विकसित की गई हैं। पाकिस्तान की ओर से सेरेमनी का आयोजन नहीं किए जाने की सूचना है। इस साल अब तक सुचेतगढ़ में 68787 पर्यटक पहुंच चुके हैं, लेकिन इनमें कोई विदेशी पर्यटक नहीं है। कोविड की दूसरी लहर के कारण यहां जून में सिर्फ 1098 पर्यटक पहुंचे थे, लेकिन जुलाई में यह आंकड़ा बढ़कर 5728 और अगस्त में 5927 रहा। बीएसएफ के पीआरओ एसपीएस संधू का कहना है कि अभी कार्यक्रम के बारे में फाइनल नहीं किया गया है।
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बॉर्डर पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा-निदेशक
पर्यटन विभाग जम्मू के निदेशक विवेकानंद राय का कहना है कि 2 अक्तूबर को सुचेतगढ़ में बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी को शुरू किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सुचेतगढ़ में नियमित रूप से इस सेरेमनी के होने से बॉर्डर पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। इससे जम्मू में पर्यटकों का रुझान बढ़ेगा।
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जिला मुख्यालय जम्मू से 28 किमी. की दूरी पर स्थित सुचेतगढ़ जिले की आरएस पुरा तहसील का अंतिम गांव है जो पाकिस्तान सीमा से सटा हुआ है। सुचेतगढ़ के दूसरी ओर पाकिस्तान का पहला शहर सियालकोट पड़ता है। बॉर्डर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग की ओर से एक विशेष गाड़ी में पर्यटकों को जम्मू से सुचेतगढ़ भेजा जाता था, लेकिन कोविड के कारण इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई। बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी में पर्यटकों के बैठने के लिए उचित व्यवस्था के साथ अन्य ढांचागत सुविधाएं विकसित की गई हैं। पाकिस्तान की ओर से सेरेमनी का आयोजन नहीं किए जाने की सूचना है। इस साल अब तक सुचेतगढ़ में 68787 पर्यटक पहुंच चुके हैं, लेकिन इनमें कोई विदेशी पर्यटक नहीं है। कोविड की दूसरी लहर के कारण यहां जून में सिर्फ 1098 पर्यटक पहुंचे थे, लेकिन जुलाई में यह आंकड़ा बढ़कर 5728 और अगस्त में 5927 रहा। बीएसएफ के पीआरओ एसपीएस संधू का कहना है कि अभी कार्यक्रम के बारे में फाइनल नहीं किया गया है।
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बॉर्डर पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा-निदेशक
पर्यटन विभाग जम्मू के निदेशक विवेकानंद राय का कहना है कि 2 अक्तूबर को सुचेतगढ़ में बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी को शुरू किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सुचेतगढ़ में नियमित रूप से इस सेरेमनी के होने से बॉर्डर पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। इससे जम्मू में पर्यटकों का रुझान बढ़ेगा।
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