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22 साल के सुचित्तर ने पहले प्रयास में यूपीएससी में हासिल की सफलता
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जम्मू। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की मुख्य परीक्षा में जम्मू जिले के बॉर्डर क्षेत्र सलैहड़ के रहने वाले सुचित्तर शर्मा ने अपने पहले प्रयास में सफलता हासिल की है। 22 साल की उम्र में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। परीक्षा में सुचित्तर का 146वां रैंक रहा है।
जम्मू जिले के बिश्नाह से नौ किमी दूर सलैहड़ गांव के रहने वाले सुचित्तर शर्मा ने 2020 में स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी। स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने यूपीएसी की परीक्षा दी थी और अपने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की। सुचित्तर ने कहा कि 12वीं कक्षा के बाद से ही सिविल सेवा में करियर बनाने का सपना देखा था और अपनी तैयारी को शुरू किया। इस सफर के लिए शुरूआत करना मेरे लिए भी काफी कठिन था, लेकिन अपने आपको कभी लक्ष्य से दूर नहीं जाना दिया। इस सफर में परिवार और शिक्षकों का भी बड़ा सहयोग रहा, जिन्होंने मेरे आत्मविश्वास को कभी कम नहीं होने दिया। यूपीएससी की परीक्षा काफी अच्छी हुई थी और मुझे अच्छे परिणाम की भी उम्मीद थी।
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कॉलेज के लिए रोजाना 50 किमी का सफर
सुचित्तर ने बताया कि 12वीं तक की पढ़ाई एपीसी रतनूचक में हुई। इसके बाद सिविल सेवा में जाने का मन बना लिया। यूपीएससी की तैयारी के लिए खुद को तैयार करने में थोड़ी परेशानी हुई, लेकिन अपने प्रयासों को जारी रखा। कॉलेज की पढ़ाई जीजीएम साइंस कॉलेज से की। कॉलेज के लिए रोजाना 50 से 60 किमी का सफर तय करता था। कॉलेज में पढ़ाई के समय कोचिंग भी जारी थी। 2020 में जब लॉकडाउन लगा तो मुझे पढ़ाई के लिए काफी समय मिला। उस समय का मैंने पूरा उपयोग किया और अपनी तैयारी की। परीक्षा के लिए शुरुआती तैयारी करना काफी मुश्किल और चुनौती भरा रहा था। सुचितर ने कहा, पापा मदल लाल शर्मा और मां रितू मंगोत्रा दोनों शिक्षक हैं और इस सफर में इनका समर्थन और मार्गदर्शन हमेशा मिला है।
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अपने लक्ष्य को तय करें युवा
सुचित्तर ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि 10वीं कक्षा के बाद से अपने लक्ष्य को तय करें। फिर इसे हासिल करने के लिए खुद को तैयार करें। लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल नहीं होता है। इसमें दो से तीन चीजों का ध्यान रखना होगा, जिसमें पढ़ाई को लेकर स्थिरता और मेहनत सबसे अहम है।
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जम्मू जिले के बिश्नाह से नौ किमी दूर सलैहड़ गांव के रहने वाले सुचित्तर शर्मा ने 2020 में स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी। स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने यूपीएसी की परीक्षा दी थी और अपने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की। सुचित्तर ने कहा कि 12वीं कक्षा के बाद से ही सिविल सेवा में करियर बनाने का सपना देखा था और अपनी तैयारी को शुरू किया। इस सफर के लिए शुरूआत करना मेरे लिए भी काफी कठिन था, लेकिन अपने आपको कभी लक्ष्य से दूर नहीं जाना दिया। इस सफर में परिवार और शिक्षकों का भी बड़ा सहयोग रहा, जिन्होंने मेरे आत्मविश्वास को कभी कम नहीं होने दिया। यूपीएससी की परीक्षा काफी अच्छी हुई थी और मुझे अच्छे परिणाम की भी उम्मीद थी।
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कॉलेज के लिए रोजाना 50 किमी का सफर
सुचित्तर ने बताया कि 12वीं तक की पढ़ाई एपीसी रतनूचक में हुई। इसके बाद सिविल सेवा में जाने का मन बना लिया। यूपीएससी की तैयारी के लिए खुद को तैयार करने में थोड़ी परेशानी हुई, लेकिन अपने प्रयासों को जारी रखा। कॉलेज की पढ़ाई जीजीएम साइंस कॉलेज से की। कॉलेज के लिए रोजाना 50 से 60 किमी का सफर तय करता था। कॉलेज में पढ़ाई के समय कोचिंग भी जारी थी। 2020 में जब लॉकडाउन लगा तो मुझे पढ़ाई के लिए काफी समय मिला। उस समय का मैंने पूरा उपयोग किया और अपनी तैयारी की। परीक्षा के लिए शुरुआती तैयारी करना काफी मुश्किल और चुनौती भरा रहा था। सुचितर ने कहा, पापा मदल लाल शर्मा और मां रितू मंगोत्रा दोनों शिक्षक हैं और इस सफर में इनका समर्थन और मार्गदर्शन हमेशा मिला है।
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अपने लक्ष्य को तय करें युवा
सुचित्तर ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि 10वीं कक्षा के बाद से अपने लक्ष्य को तय करें। फिर इसे हासिल करने के लिए खुद को तैयार करें। लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल नहीं होता है। इसमें दो से तीन चीजों का ध्यान रखना होगा, जिसमें पढ़ाई को लेकर स्थिरता और मेहनत सबसे अहम है।