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इस साल भी अमरनाथ यात्रा पर संकट
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जम्मू। श्री अमरनाथ यात्रा पर दूसरे साल भी कोविड का संकट मंडरा रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में कोविड संक्रमित मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए पिछले एक माह से अधिक समय से बंद अग्रिम यात्री पंजीकरण प्रक्रिया को बहाल नहीं किया जा सका है। यात्रा शुरू होने के लिए एक माह ही बचा है, लेकिन कोविड महामारी के चलते तैयारियों को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। बोर्ड अधिकारी यात्रा प्लान पर खुलकर नहीं बोल रहे हैं, लेकिन अगर इस बार भी संक्रमित मामलों का आना जारी रहा तो आखिर में सांकेतिक रूप से यात्रा करवाई जा सकती है।
इस साल 28 जून से शुरू हो रही यात्रा को 56 दिन की अवधि में करवाया जाना है, लेकिन अप्रैल के आखिरी सप्ताह में कोविड मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए अग्रिम यात्री पंजीकरण को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया है। इस बीच ऑनलाइन अग्रिम पंजीकरण सेवा भी शुरू की गई थी। इस बार बोर्ड को 6 लाख यात्रियों के आने की उम्मीद थी। इसके लिए यात्रा मार्ग पर दैनिक यात्रियों की संख्या 7500 से बढ़ाकर 10 हजार की गई थी। इसके साथ यात्रियों की सहूलियत के लिए श्रीनगर से बालटाल तक हेलिकाप्टर सेवा शुरू करने की भी तैयारी थी, जिसके लिए निविदा जारी की गई थी। बालटाल से दोमेल तक पहली बार निशुल्क बैटरी कार सेवा शुरू किए जाने का प्रस्ताव है। कोविड मामलों को देखते हुए अभी तक लंगर संगठनों को भी अनुमति जारी नहीं की गई है, जबकि यह प्रक्रिया अप्रैल तक की जाती है। जिसमें जून के मध्य तक लंगर संगठनों का यात्रा मार्ग पर पहुंचना शुरू हो जाता है। बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि अभी तक संक्रमित मामलों की निगरानी की जा रही है। जिसमें यात्रा पर कोई प्लान फाइनल नहीं किया गया है। बोर्ड की बैठक में ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।
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इस साल 28 जून से शुरू हो रही यात्रा को 56 दिन की अवधि में करवाया जाना है, लेकिन अप्रैल के आखिरी सप्ताह में कोविड मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए अग्रिम यात्री पंजीकरण को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया है। इस बीच ऑनलाइन अग्रिम पंजीकरण सेवा भी शुरू की गई थी। इस बार बोर्ड को 6 लाख यात्रियों के आने की उम्मीद थी। इसके लिए यात्रा मार्ग पर दैनिक यात्रियों की संख्या 7500 से बढ़ाकर 10 हजार की गई थी। इसके साथ यात्रियों की सहूलियत के लिए श्रीनगर से बालटाल तक हेलिकाप्टर सेवा शुरू करने की भी तैयारी थी, जिसके लिए निविदा जारी की गई थी। बालटाल से दोमेल तक पहली बार निशुल्क बैटरी कार सेवा शुरू किए जाने का प्रस्ताव है। कोविड मामलों को देखते हुए अभी तक लंगर संगठनों को भी अनुमति जारी नहीं की गई है, जबकि यह प्रक्रिया अप्रैल तक की जाती है। जिसमें जून के मध्य तक लंगर संगठनों का यात्रा मार्ग पर पहुंचना शुरू हो जाता है। बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि अभी तक संक्रमित मामलों की निगरानी की जा रही है। जिसमें यात्रा पर कोई प्लान फाइनल नहीं किया गया है। बोर्ड की बैठक में ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।
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