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भारी भरकम पेनाल्टी बनी रार की वजह
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जम्मू। पूर्व एमएलसी तथा स्टोन क्रशर ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम रंधावा को खनन विभाग की ओर से एक करोड़ रुपये पेनाल्टी का नोटिस जारी किया गया है। बताते हैं कि इसी नोटिस के बाद रंधावा ने जिला खनन अधिकारी अंकुर सचदेवा के खिलाफ मोर्चा खोला तथा केंद्रीय मंत्री डा. जितेंद्र सिंह पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
जिला खनन अधिकारी ने भ्रष्टाचार के आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश पर तवी किनारे चलने वाले क्रशर को बंद कराते हुए सील किया गया था। इनमें विक्रम रंधावा का भी एक क्रशर है। क्रशर संचालकों ने सील तोड़कर अवैध रूप से क्रशर को चलाना जारी रखा। कहा कि क्रशर के बिजली बिल के आधार पर गणना कर क्रशर संचालकों पर 90 लाख से एक करोड़ रुपये पेनाल्टी लगाया गया है। इनमें विक्रम भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि खनन माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाया गया है। इस वजह से भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जा रहे हैं। यह दबाव बनाने की राजनीति है ताकि उन पर हाथ नहीं डाला जा सके। उन्होंने कहा कि वह किसी प्रकार की जांच को तैयार है। अवैध रूप से खनन को इजाजत नहीं दी जा सकती है।
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जिला खनन अधिकारी ने भ्रष्टाचार के आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश पर तवी किनारे चलने वाले क्रशर को बंद कराते हुए सील किया गया था। इनमें विक्रम रंधावा का भी एक क्रशर है। क्रशर संचालकों ने सील तोड़कर अवैध रूप से क्रशर को चलाना जारी रखा। कहा कि क्रशर के बिजली बिल के आधार पर गणना कर क्रशर संचालकों पर 90 लाख से एक करोड़ रुपये पेनाल्टी लगाया गया है। इनमें विक्रम भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि खनन माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाया गया है। इस वजह से भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जा रहे हैं। यह दबाव बनाने की राजनीति है ताकि उन पर हाथ नहीं डाला जा सके। उन्होंने कहा कि वह किसी प्रकार की जांच को तैयार है। अवैध रूप से खनन को इजाजत नहीं दी जा सकती है।
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