{"_id":"60c10e986d1a4c269b502f84","slug":"jammu-kashmir-news-drdo-s-500-bed-covid-hospital-started-in-srinagar-too","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर : श्रीनगर में भी डीआरडीओ का 500 बेड का कोविड अस्पताल शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर : श्रीनगर में भी डीआरडीओ का 500 बेड का कोविड अस्पताल शुरू
Thu, 10 Jun 2021 12:25 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 10 Jun 2021 12:25 AM IST
सार
- उप राज्यपाल ने किया उद्घाटन, कोरोना के खिलाफ लड़ाई में मिलेगी मदद
विज्ञापन
अस्पताल का निरीक्षण करते उपराज्यपाल मनोज सिन्हा...
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को श्रीनगर के खोनमुह इलाके में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के 500 बेड वाले कोविड अस्पताल का उद्घाटन किया। जम्मू में 500 बिस्तरों वाले कोविड अस्पताल को बनाने के बाद डीआरडीओ ने श्रीनगर में केवल 17 दिन में एक और अस्पताल पूरा किया है।
विज्ञापन
इस अस्पताल में सभी आधुनिक सुविधाओं के साथ 125 आईसीयू बेड की क्षमता है, जिसमें से 25 बच्चों के लिए है। 375 बेड 24 घंटे ऑक्सीजन कनेक्टिविटी के साथ आरक्षित हैं। इसके अलावा 100 वर्ग मीटर में 10 बिस्तरों वाला ट्राइएज क्षेत्र भी बनाया गया है। सभी चिकित्सा सुविधाओं का ट्रायल रन पूरा होने के बाद कोविड देखभाल सुविधा पूरी तरह से अपना संचालन शुरू कर देगी। बता दें कि यह अस्पताल पूरी तरह से सेंट्रली एयर कंडिशंड (वातानुकूलित )है।
विज्ञापन
चिकित्सा बुनियादी ढांचे की क्षमता बढ़ी : एलजी
एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि यह केवल प्रधानमंत्री के व्यक्तिगत हस्तक्षेप के कारण हुआ है कि जम्मू-कश्मीर ने चिकित्सा बुनियादी ढांचे की इतने बड़े पैमाने पर क्षमता में वृद्धि देखी है। हाल ही में केंद्र शासित प्रदेश को तीन सप्ताह की छोटी अवधि में यूरोप से 16 मेडिकल ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट मिले हैं, जिससे इस क्षेत्र में मेडिकल ऑक्सीजन की उपलब्धता में काफी वृद्धि हुई है।
विज्ञापन
उपराज्यपाल ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए डीआरडीओ की भी सराहना की। उन्होंने कहा, डीआरडीओ ने कम समय में दोनों अस्पतालों को पूरा किया और जम्मू-कश्मीर में लोगों की सेवा के लिए 1000 अतिरिक्त बिस्तर जोड़ दिए हैं।
उन्होंने कहा कि कोविड महामारी में स्वास्थ्य प्रणाली को बदलने के उद्देश्य से केंद्र शासित प्रदेश सरकार की पहल में आईसीयू और ऑक्सीजन समर्थित बिस्तरों की निरंतर वृद्धि, पूर्व चिकित्सा कर्मचारियों की तैनाती और नए योग्य कर्मचारियों की फास्ट ट्रैक तैनाती, पंचायत कोविड देखभाल केंद्रों के माध्यम से स्वास्थ्य प्रणाली का विकेंद्रीकरण और त्वरित टीकाकरण अभियान शुरू करना शामिल है। उपराज्यपाल ने अस्पताल का दौरा कर चिकित्सा उपकरण, ऑक्सीजन की आपूर्ति, डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और अन्य रोगियों को दी जाने वाली कोविड देखभाल सुविधाओं के बारे में जानकारी हासिल की।
शिशुओं के लिए गहन चिकित्सा देखभाल
शिशुओं और बच्चों के लिए विशेष क्रिटिकल केयर विकसित करने के लिए 25-बेड वाली बाल चिकित्सा गहन देखभाल इकाई स्थापित की गई है। बता दें कि 30 मई को, उपराज्यपाल ने इस डीआरडीओ के कोविड अस्पताल की साइट का दौरा किया था और जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे।
इस अवसर पर एमपी डॉ. फारूक अब्दुल्ला, उपराज्यपाल के सलाहकार आरआर भटनागर, प्रमुख सचिव अरुण कुमार मेहता, स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग के वित्तीय आयुक्त अटल डुल्लू, उपराज्यपाल के प्रधान सचिव नितीश्वर कुमार, कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर पांडुरंग के पोल, प्रिंसिपल जीएमसी डॉ. सामिया राशिद, डीसी श्रीनगर मोहम्मद एजाज, स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. मुश्ताक अहमद राथर, चीफ इंजीनियर (आर एंड डी नॉर्थ) डॉ. अनिल खुराना, वैज्ञानिक और परियोजना प्रबंधक अमित कुमार राय, वैज्ञानिक और परियोजना प्रभारी रवींद्र कुमार, वैज्ञानिक एवं संपर्क अधिकारी जुबैर अली और डीआरडीओ के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
तीसरी लहर आई तो काफी मदद मिलेगी : फारूक
एमपी डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, यह बहुत अच्छा हुआ कि नया अस्पताल बना है। अगर तीसरी लहर आई तो इस अस्पताल की काफी मदद मिलेगी। डीआरडीओ ने बहुत अच्छा काम किया है और इसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूं। इस बीच कश्मीर में अफवाहों का दौर गर्म होने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में डॉ. फारूक ने कहा, उसके बारे में उन्हें कुछ पता नहीं।