जम्मू-कश्मीर: श्रीनगर में डीआरडीओ अस्पताल का काम पांच जून तक पूरा करने की समय सीमा तय
राज्यपाल ने कहा कि उनका फोकस उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की है। लोगों की जान से बढ़कर कुछ भी नहीं है। प्रशासन दिन-रात प्रदेश के सभी कोनों और सभी लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में जुटा हुआ है।
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उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर के खोनमुह में बन रहे 500 बेड के डीआरडीओ अस्पताल का दौरा कर पांच जून तक काम पूरा करने की समय सीमा तय की। इसी दिन से सभी सुविधाओं का ट्रायल रन होगा। इसके साथ ही इसमें 25 बेड के बच्चों के लिए आईसीयू चिकित्सकों व नर्स के साथ तैयार करने की हिदायत दी।
निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए उप-राज्यपाल ने कहा कि काम पांच जून तक पूरा कर लिया जाए ताकि सभी सुविधाओं का इस दिन से ट्रायल रन शुरू हो सके। नवजात और बच्चों के लिए क्रिटिकल केयर की सुविधा मुहैया कराने के लिए उन्होंने 25 बेड का आईसीयू बनाने को कहा। स्टाफ, दवाओं व उपकरणों की आपूर्ति, जांच के उपकरण और अन्य सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्माणाधीन अस्पताल का दौरा कर आईसीयू बेड, ट्राइएज सुविधा, स्वास्थ्य उपकरणों, डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी हासिल की।
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जम्मू-श्रीनगर में डीआरडीओ अस्पताल से स्वास्थ्य सुविधाएं होंगी बेहतर
अस्पताल में 125 बेड का आईसीयू होगा। इसके साथ ही 375 बेड ऑक्सीजन की सुविधा से लैस होंगे। उप-राज्यपाल ने सीटी स्कैन और अन्य जांच सुविधाएं भी अस्पताल में उपलब्ध कराने को कहा। कहा कि दोनों शहरों में डीआरडीओ अस्पताल के खुल जाने से कोरोना जैसी बीमारियों से जंग के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो जाएंगी। 29 मई को उप-राज्यपाल ने जम्मू में डीआरडीओ अस्पताल लोकार्पित किया था। उप-राज्यपाल के साथ प्रमुख सचिव नीतीश्वर कुमार, मंडलायुक्त पीके पोल समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।