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जम्मू-कश्मीर में 60 हजार आंगनबाड़ी केंद्र किराये के भवनों में
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जम्मू। प्रदेश में 60 हजार आंगनबाड़ी केंद्र किराये के भवनों में चल रहे हैं। तीस हजार आंगनबाड़ी केंद्रों के पास सिर्फ एक ही कमरा है। यहां पर पढ़ाई भी होती है और खाना भी बनता है। दस हजार केंद्र जगह न मिलने के कारण घरों में बरामदों में ही चल रहे हैं। यहां पर बच्चों को बैठने के लिए जगह नहीं मिल रही। सामान रखने के लिए भी जगह कम है। यहां पर औपचारिकता पूरी करने के लिए केंद्रों को शुरू किया गया है। बच्चों को खाना खिलाने के बाद घर वापस छोड़ा जाता है।
पंचायत स्तर पर आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण पर काम शुरू हुआ है। इस योजना के तहत हर वार्ड में एक आंगनबाड़ी केंद्र के लिए भवन बनना है। कुछ मामलों में जमीन नहीं मिल रही है तो कहीं पर लोग जमीन मसले पर राजी नहीं हो रहे हैं। इस कारण सरकारी कार्रवाई पूरी नहीं हो रही है।
इसी तरह शहरी इलाकों में भी अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्र किराये के भवनों में ही चल रहे हैं। कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों के पास ही अपने भवन हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में शहर में बाहरी राज्यों से आए प्रवासी लोगों के बच्चे ही पढ़ाई करने पहुंचते हैं। शहरी इलाके के लोग अपने बच्चों को केंद्र में पढ़ाई करने नहीं भेज रहे हैं। जगह के अभाव के कारणा बच्चों की पढ़ाई काफी हद तक बाधित होती है।
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कोट
आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए अपने भवन तैयार करवाए जा रहे हैं। इस पर काम चल रहा है। मौजूदा समय में कुछ आंगनबाड़ी केंद्र किराये के भवनों में चल रहे हैं। बच्चों को पढ़ाई करवाई जा रही है।
- टीना महाजन, निदेशक, आईसीडीएस प्रोजेक्ट
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पंचायत स्तर पर आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण पर काम शुरू हुआ है। इस योजना के तहत हर वार्ड में एक आंगनबाड़ी केंद्र के लिए भवन बनना है। कुछ मामलों में जमीन नहीं मिल रही है तो कहीं पर लोग जमीन मसले पर राजी नहीं हो रहे हैं। इस कारण सरकारी कार्रवाई पूरी नहीं हो रही है।
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इसी तरह शहरी इलाकों में भी अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्र किराये के भवनों में ही चल रहे हैं। कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों के पास ही अपने भवन हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में शहर में बाहरी राज्यों से आए प्रवासी लोगों के बच्चे ही पढ़ाई करने पहुंचते हैं। शहरी इलाके के लोग अपने बच्चों को केंद्र में पढ़ाई करने नहीं भेज रहे हैं। जगह के अभाव के कारणा बच्चों की पढ़ाई काफी हद तक बाधित होती है।
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कोट
आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए अपने भवन तैयार करवाए जा रहे हैं। इस पर काम चल रहा है। मौजूदा समय में कुछ आंगनबाड़ी केंद्र किराये के भवनों में चल रहे हैं। बच्चों को पढ़ाई करवाई जा रही है।
- टीना महाजन, निदेशक, आईसीडीएस प्रोजेक्ट