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जम्मू-कश्मीर में भाईचारे की मिसाल: कश्मीरी पंडित की अर्थी को मुसलमानों ने दिया कंधा, गांदरबल के वुसन का मामला
Sat, 22 Apr 2023 01:40 PM IST
विमल शर्मा
फिरदौस अहमद, गांदरबल
फिरदौस अहमद, गांदरबल
Published by: विमल शर्मा
Updated Sat, 22 Apr 2023 01:40 PM IST
सार
वुसन निवासी अवतार कृष्ण कौल (75) ने शुक्रवार को अंतिम सांस ली। इससे पूरा मोहल्ला शोक में डूब गया। इस बीच उनके पड़ोस में रहने वाले मुसलमान समुदाय के लोगों ने उनके अंतिम संस्कार के लिए व्यवस्था करनी शुरू कर दी।
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गांदरबल में कश्मीरी पंडित की अर्थी को कंधा देते मुस्लिम
- फोटो : संवाद
विस्तार
मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के वुसन इलाके में शुक्रवार को कश्मीरियत की मिसाल देखने को मिली, जहां कश्मीरी पंडित की अर्थी को मुसलमानों ने न सिर्फ कंधा दिया, बल्कि अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी की व्यवस्था भी की।
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वुसन में अवतार कृष्ण कौल (75) ने शुक्रवार को अंतिम सांस ली। इससे पूरा मोहल्ला शोक में डूब गया। इस बीच उनके पड़ोस में रहने वाले मुसलमान समुदाय के लोगों ने उनके अंतिम संस्कार के लिए व्यवस्था करनी शुरू कर दी।
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स्थानीय निवासी बशीर अहमद ने कहा, यह हमारे धर्म में है कि हम पड़ोसियों का ख्याल रखें। वहीं तस्सदुक हुसैन ने बताया कि अवतार हमेशा जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे बढ़कर काम करते थे।
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उनकी दया और उदारता की कोई सीमा नहीं थी। वुसन इलाके में लगभग एक दर्जन पंडित परिवार रह रहे हैं, जो 1990 के दशक की शुरुआत में कश्मीर घाटी छोड़कर नहीं गए थे।
तब से दोनों समुदाय इलाके में सद्भाव से रहते हैं। 90 के दशक की शुरुआत में घाटी में आतंकवाद के बाद पंडित समुदाय को कश्मीर से पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ा। हालांकि, कश्मीरी पंडितों का एक बहुत छोटा प्रतिशत वापस आ गया।