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जम्मू-कश्मीर: पार्टी बचाने के लिए इस कुर्बानी तक को तैयार थीं महबूबा मुफ्ती

Thu, 22 Nov 2018 12:10 AM IST
अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर Updated Thu, 22 Nov 2018 12:10 AM IST
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jammu kashmir mehbooba mufti interview, said i was ready to sacrifice for saving pdp
महबूबा मुफ्ती - फोटो : फाइल
अपनी पार्टी को टूटने से बचाने के लिए जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती मुख्यमंत्री का पद छोड़ने तक को तैयार थी। विधानसभा भंग करने के फैसले से ठीक पहले अमर उजाला से खास बातचीत में उन्होंने कहा था कि गठबंधन का नेतृत्व हम करेंगे लेकिन हमारे में से नेतृत्व कौन करेगा यह अभी फैसला नहीं लिया गया है। नेकां के बाहरी समर्थन पर पूछने पर उन्होंने कहा कि इस पर अभी कोई विचार नहीं हुआ है। 
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उन्होंने कहा कि हमारी ओर से राज्यपाल को लेटर भेजा गया लेकिन उसे कोई रिसीव नहीं कर रहा था। उन्होंने फोन पर बातचीत के दौरान कहा कि हमारे लिए 35ए और विशेष दर्जा उनके लिए चिंता रही है। उन्होंने कहा कि मामले की सुनवाई जनवरी में है। महबूबा ने कहा कि जब हम सरकार में थे तो हम उसका बचाव कर रहे थे और हमने उसके लिए अच्छे वकील भी नियुक्त किए थे। 
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लेकिन हमारे सरकार से हटने के बाद से कुछ सही होता नहीं दिख रहा और जैसे विशेष दर्जा का बचाव होना चाहिए था, वैसे नहीं किया जा रहा। महबूबा ने कहा कि कश्मीरियों ने उसके लिए कई शहादतें दी हैं और ऐसे हस्तक्षेप और संशोधन करने की कोशिश की जा रही है जो लोगों के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता राज्य की विशेष स्थिति की रक्षा करना है इसलिए हमने एक साथ आने का फैसला किया। 
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उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह से भाजपा मुख्यधारा के दलों के पीछे पड़ी हुई है उससे लगता है कि वे उन पार्टियों को हटाने की कोशिश कर रहे हैं जो राज्य में बड़ी कठिनाई और प्रयास के साथ लोकतांत्रिक रूप से स्थापित की गयी हैं। इसका मुकाबला करने के लिए हमने यह फैसला लिया। यह पूछे जाने पर कि सरकार गठन का फैसला किसका था, उन्होंने कहा कि यह तीनों दलों ने मिलकर सर्वसहमति से फैसला लिया था क्योंकि हमारी तरह नेकां और कांग्रेस भी 35ए को लेकर चिंतित थे।
 

फारूक अब्दुल्ला के लौटने के बाद होगा फैसला: नासिर

नेशनल कांफ्रेंस के सीनियर नेता नासिर असलम वानी ने कहा कि जब से महबूबा मुफ़्ती की सरकार गिरी है तब से कई बार अफवाहों का दौर गरमाया हुआ था। यह भी बात सामने आई थी कि भाजपा और पीपुल्स कांफ्रेंस हाथ मिला रहे हैं। इन 5-6 महीनो में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हुई। लोग सहमे हुए हैं। इसलिए सेकुलर पार्टियों ने मिलकर सरकार बनाने का फैसला लिया था। अब विधानसभा भंग होने के बाद नई स्थिति पर विचार होगा। फारूक अब्दुल्ल कश्मीर से बाहर हैं। उनके वापस आने पर नई स्थिति पर चर्चा के बाद कदम उठाए जाएंगे। 

सरकार को लेकर कांग्रेस-पीडीपी में नहीं हुई थी बात: ताज
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ताज मोहियुदीन ने कहा कि सरकार को लेकर कांग्रेस और पीडीपी में कोई बातचीत नहीं हुई थी। पार्टी इतनी बेवकूफ नहीं है कि वह इस तरह कोई कदम उठाए। उन्होंने कहा कि 23 नवंबर को दिल्ली में पार्टी की बैठक हो रही है। बैठक में अब नए हालात पर चर्चा होगी। 
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