फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu Kashmir: lg manoj sinha said now terrorists do not hold meetings with PM they sit on ground even in fron

बदलता जम्मू कश्मीर: अब PM के साथ बैठक नहीं करते आतंकी, छोटे अफसर के सामने भी जमीन पर बैठते हैं- उपराज्यपाल

Thu, 14 Dec 2023 05:46 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Thu, 14 Dec 2023 05:46 PM IST
सार

सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर एलजी ने कहा कि इस निर्णय से अनुच्छेद 370 की बहस पर विराम लग गया है।अब देश और जम्मू कश्मीर ने इस निर्णय को स्वीकार कर लिया है।

विज्ञापन
Jammu Kashmir: lg manoj sinha said now terrorists do not hold meetings with PM they sit on ground even in fron
एलजी मनोज सिन्हा - फोटो : संवाद

विस्तार

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि अब आतंकवादी प्रधानमंत्री के साथ बैठक नहीं कर सकते हैं। अब आतंकी एनआईए के छोटे से अफसर के सामने भी कुर्सी पर नहीं बैठता है, बल्कि जमीन पर बैठता है। जम्मू कश्मीर में हो रहे बदलाव का जिक्र करते हुए एक कार्यक्रम में उपराज्यपाल ने यह बातें कहीं। 

विज्ञापन


सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर एलजी ने कहा कि इस निर्णय से अनुच्छेद 370  की बहस पर विराम लग गया है। अब देश और जम्मू कश्मीर ने इस निर्णय को स्वीकार कर लिया है। जम्मू कश्मीर में चुनाव को लेकर कहा कि पहले ही देश के गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि पहले परिसीमन होगा, फिर चुनाव होंगे और फिर पूर्ण राज्य का दर्जा सही समय पर बहाल किया जाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी इन बातों को कहा है। 
विज्ञापन


जम्मू कश्मीर पूर्ण गठन एक्ट के लागू होने के बाद विधानसभा की सीटें बढ़ी हैं। इन सीटों के बढ़ने से परिसीमन ही तय कर सकता था। पहली बार न्यायिक परिसीमन आयोग बना। प्रदेश के पांच सांसद भी इसके सदस्य थे। मतदाता सूचियों को फिर से बनाने के काम को पूरा किया गया है। चुनाव आयोग ने हाल ही में कहा है कि वो चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है।  
विज्ञापन
विज्ञापन


विपक्ष नेता उमर अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उनकी लड़ाई अब भी जारी रहेगी। इस सवाल के जवाब में एलजी ने कहा कि उन्हें भगवान बुद्धी दें। जनता ने पहले चुनाव में सही सरकार का चयन किया है और आगामी चुनावों में जनता सही फैसला लेगी।

अब सीमा पार के लोग भी प्रधानमंत्री मोदी को लिख रहे

जम्मू कश्मीर के लोग पूरी तरह से भारत के साथ रहना चाहते हैं। सीमा पार के लोग भी प्रधानमंत्री मोदी को लिख रहे हैं कि उनके हित के लिए भी कुछ सोचा जाए। वहीं, पीओजेके के सवाल पर उन्होंने कुछ चीजें विदेश मंत्री के जिम्मेदारियों में रहने दी जानी चाहिए। 

पहले आतंकवाद को बनाया जाता था आकर्षक

पहले आतंकी के मारे जाने पर भीड़ इकट्ठा होती थी। लेकिन अभी ऐसा नहीं होता। अभी आतंकी जहां मारा जाता है तो आतंकी के परिवारों की सहमति के साथ उसके पास ही उसे दफन कर दिया जाता है। पहले आतंकवाद को आकर्षक बनाया की कोशिश होती थी, जिसे अब खत्म कर दिया गया है।

पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के बयानों पर बोले एलजी

पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के बयानों पर किसी के व्यवधान पैदा करने से कोई दिक्कत नहीं होती है। उन्होंने कहा कि वह अपना काम कर रहा हैं। उनके बयानों पर कोई प्रतिक्रिया देने की आवश्यकता नहीं है।

अनुच्छेद 370 और 35ए के निरस्त होने से बदले ये हालात

अनुच्छेद 370 और 35ए के निरस्त होने से हालात बदले गए हैं। अब पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थी, गोरखा समुदाय जैसे अन्य एक करोड़ से ज्यादा लोगों को अधिकार नहीं थे, जो अब मिले हैं। आधी आबादी को अधिकार मिले हैं, जिनके अधिकार पहले छीने गए थे। 

कश्मीरी पंडितों को राजनीतिक आरक्षण मिला

कश्मीरी पंडितों को राजनीतिक आरक्षण दिया गया है। अब वो विधानसभा में अपने समाज की बात अपनी बातों को प्रमुखता से रख पाएंगे। देश में किसी हिस्से में कश्मीर पंडित रहता हो वह जम्मू कश्मीर में डोमिसाइल प्रमाण पत्र ले सकता है। यहां पर नौकरी के लिए आवेदन कर सकता है। पीओजेके लोगों को पहली बार भारत के नागरिक होने का बोध हुआ है। उन्हें पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी गई है। 

पहली बार पिछड़े वर्ग को आरक्षण मिला

पहली बार पिछड़े वर्ग को आरक्षण मिला है। 13 लाख दलितों को नौकरी और पढ़ाई में आरक्षण मिल रहा है। 13 नई जातियों को ओबीसी/एसटी में जोड़ा गया है। नौ सीटें एसटी के लिए आरक्षित हुई हैं। पहाड़ी समुदाय को आरक्षण मिलने जा रहा है। 34 साल बाद शिया समुदाय (10 प्रतिशत) मुहर्रम जुलूस निकाल सके हैं। एक करोड़ से ज्यादा लोगों में गर्व महसूस कर रहे हैं। 

झेलम में पानी बहुत बह गया है। अब लाल चौक, पोलो व्यू मार्केट जैसे श्रीनगर में कई जगहों को विकसित किया गया है, जिन्हें अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन के नमूने के तौर पर देखे जा सकते हैं। पेडेस्ट्रियन मार्ग पर यूरोप के बाद श्रीनगर में लोग देखने आ रहे हैं। 

देश जम्मू कश्मीर को पर्यटन से जोड़ कर देखता है। पर्यटन प्रदेश की आमदनी का बड़ा स्रोत है। एक करोड़ 88 लाख आए थे। इस बार दो करोड़ सैलानी नवंबर तक आ चुके हैं। अब ऑटो वाला भी खुश है और रेहड़ी वाला भी खुश है। होटल फुल रहते हैं। पर्यटन कारोबार से जुड़े हर वर्ग में खुशी है।

प्रदेश में हथकरघा और हस्तशिल्प आमदनी के स्रोत में प्रमख है। इसे दोगुने से ज्यादा बढ़ाया गया है। इसके साथ ही हार्टिकल्चर प्लान बनाया गया है। इनकी पैदावार बढ़ाने के लिए, इन्हें अच्छा मार्केट दिलाया जाए। पांच चीजों को जीआई टैग मिला है। पशमीना, कार्पेट, खेती से जुड़ी चीजें, सेब, चैरी, ब्लू बेरी, केसर पैदवार बढ़ाने के लिए योजानाएं बनाई गई हैं।

बर्फ और बिजली एक साथ पहली बार देखने को मिली

बिजली का उत्पादन प्रदेश में बढ़ा है। 3450 मेगवाट के और प्रोजेक्ट लगाए जा रहे हैं। उपराज्यपाल ने विंटर स्पोर्ट्स बारामुला का जिक्र करते हुए कहा कि हाल ही इस कार्यक्रम में लोगों ने उन्हें बताया कि बर्फ और बिजली एक साथ पहली बार देखने को मिली है। 

प्रदेश में निवेश के लिए कई प्रस्ताव

निजी निवेश आजादी के बाद से 14 हजार करोड़ का था। लेकिन अब किसी भी अन्य राज्य के मुकाबले प्रदेश में ज्यादा इंडिस्ट्री के लिए निवेश आ रहा है। 86 हजार करोड़ निवेश का प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे आय भी बढ़ेगी और रोजगार के साधन भी बढ़ेगें। इंफ्रंसक्चर की परिजोयनाएं डेढ़ लाख करोड़ के हाईवे और टनल आदि हैं।

दो विदेशी प्रस्ताव स्विकार किए गए हैं। श्रीनगर में दस लाख स्क्वायर फुट में मॉल बन रहा है। जम्मू और श्रीनगर में एक-एक आईटी टावर बनेगा। दुबई की एमार ग्रुप द्वारा इनका निर्माण किया जाना चाहिए। इसके साथ ही अस्पताल के कुछ प्रोजेक्ट भी आए हैं।
 

जम्मू कश्मीर के लिए मुस्लिम देशों की धारणा बदली 

कश्मीर में जी20 की बैठक में चीन को छोड़कर सभी देशों के लोग घाटी आए। तुक्रिये के सरकारी नहीं लेकिन नीजि सेक्टर के लोग आए। अब जम्मू कश्मीर के लिए मुस्लिम देशों को धारणा बदल गई है। पाकिस्तान का प्रोपगेंडा उसके अच्छे समय भी और अपने बुरे समय भी चलता रहेगा। अब पाकिस्तान में आतंकी भी सुरक्षित नहीं। पाकिस्तान कभी आतंकियों के जन्नत माना जाता रहा है। लेकिन अब यह भी बदल गया है।

उपराज्यपाल का पदभार मिलने को लेकर कहा कि यह सबसे बढ़िया असाइनमेंट मिला। जम्मू कश्मीर के विकास में, युवाओं को रोजगार मिले, प्रदेश के आगे बढ़े इसमें पीएम की रूची है। राजभवन में जनसंपर्क बढ़ा दिया गया है। लोगों में विश्वास अर्जित करने का यह रास्ते सही है। अगले पांच सालों में जम्मू कश्मीर को ऐसा प्रदेश बनाना चाहते है कि हर व्यक्ति कह सकें कि देश के किसी भी हिस्से में देश के विकास में प्रदेश का योगदान कम नहीं है। ऐसा प्रदेश हम बनाना चाहते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed