अनंतनाग मुठभेड: सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों का किया खात्मा, हथियार बरामद
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जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ चल रही है। दो आतंकियों के घिरे होने की आशंका है। इस ऑपरेशन को सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम अंजाम दे रही है। जिसमें पुलिस, सेना और सीआरपीएफ शामिल है। सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया है। मारे गए आतंकियों के पास से एक एके-47 और एक पिस्टल बरामद हुआ है। आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि कश्मीर जोन के आईजी विजय कुमार ने की है। आईजी ने कहा कि कादीपोरा गांव में मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए हैं। उन्होंने ने कहा कि आतंकवाद विरोधी अभियानों की संख्या बढ़ रही है।
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मारे गए आतंकियों की पहचान आदिल अहमद भट और जाहिर अमीन राथर के रूप में हुई है। फिलहाल इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
Two terrorists eliminated by security forces in Anantnag have been identified as Adil Ahmad Bhatt and Zahir Ameen Rather: CRPF
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) March 11, 2021
बता दें कि बिजबिहाड़ा के कादीपोरा इलाके में बुधवार शाम को जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर तलाशी अभियान शुरू किया गया था। इसी दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग करनी शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला। इसके बाद अंधेरा होने पर ऑपरेशन को रोक दिया गया था।
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गनी ख्वाजा के दो साथी मुठभेड़ स्थल से फरार हो गए थे
आईजी विजय कुमार ने बताया कि ख्वाजा वर्ष 2000 में हथियारों की ट्रेनिंग लेने पाकिस्तान गया था। वहां से वह 2002 में लौट आया। उसे 2007 में पीएसए के तहत गिरफ्तार भी किया गया था। बाद में 2008 में उसे छोड़ा गया। 2015 तक वह ओजीडब्ल्यू के तौर पर काम करता रहा।
जनवरी 2018 में वह हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया। इसके बाद वह 2020 में अल बद्र में शामिल हो गया। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की शह पर उसने दोबारा अल-बद्र को सक्रिय किया। घाटी में पिछले दिनों जितने भी अल-बद्र के आतंकी मारे गए उन्हें ख्वाजा ने ही संगठन में शामिल कराया था। उसके पास से एके 47 राइफल, पांच मैगजीन, दो ग्रेनेड व अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई थी। मुठभेड़ में उसका मारा जाना सुरक्षाबलों के लिए बड़ी सफलता है।