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आतंकी हमला नाकाम: एक महिला के हौसले ने दिया ऑपरेशन को अंजाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Fri, 14 Sep 2018 05:34 AM IST
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गुरुवार सुबह करीब 9 बजे राजकुमार पत्नी और तीन बच्चों के साथ पुराने कटड़ा रोड पर पहुंचा। सामने उसका दोस्त रमेश मिला। रमेश ने राजकुमार को बहुत ही सहमे हुए और परेशान देखा। पूछा कि क्या बात है। राजकुमार ने उसे कुछ नहीं बताया। वह कुछ नहीं बोल पा रहा था, लेकिन उसकी पत्नी नीलम ने हिम्मत करते हुए बताया कि उनके घर में तीन हथियारबंद आतंकी घुस आए हैं। रमेश अपने दोस्त राजकुमार और उसके परिवार को लेकर अपने घर आ गया।
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घर में घुसे आतंकियों की जानकारी सीआरपीएफ के एक अधिकारी को दी गई। उक्त अधिकारी ने रमेश को एक दिन पहले ही आतंकियों की सूचना के बाद चलाए गए सर्च आपरेशन के दौरान अपना मोबाइल नंबर दिया था। रमेश ने अधिकारी को फोन करके पूरी कहानी बताई। रमेश के जरिये राजकुमार ने अधिकारी को बताया कि आतंकी उसके घर में घुसे और कहा कि वह भूखे हैं और खाना बनाकर दो। आतंकियों ने राजकुमार को दो हजार रुपये का नोट दिया। कहा कि किसी को बताए न कि वह उसके घर में हैं।
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आतंकियों ने उससे दूध और कुछ अन्य खाने पीने का सामान लाने को कहा। राज कुमार की पत्नी पास में ही मक्की के खेत में चली गई। राजकुमार ने उसे इशारा किया और वह वहां से आगे निकल गई। राजकुमार ने अपने तीन बच्चों को भी वहां से बड़ी चालाकी से बाहर निकाला और वहां से बाहर मेन रोड पर आ गया। राजकुमार ने यह भी बताया कि वह अभी खाने की तैयारी कर रहा था। घर के बाहर कटी हुई भिंडी भी पड़ी हुई थी। सुबह करीब एक घंटे तक राज अपने परिवार के साथ दोस्त रमेश के घर पर ही था। इसके बाद उसे सीआरपीएफ अपने कैंप में ले गई।
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पूरे इलाके में बांटे थे नंबर
सूत्रों का कहना है कि आतंकियों के उक्त इलाके में होने की सूचना सीआरपीएफ को बुधवार की रात 12 बजे ही मिल गई थी। इसके बाद सीआरपीएफ की तरफ से पूरे इलाके को घेर रखा गया था। सीआरपीएफ की तरफ से अधिकतर घरों में मोबाइल नंबर दिए गए थे कि कहीं कोई दिखे तो उन नंबरों पर संपर्क करें।