फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   jammu kashmir is not part of india says geelani

भारत का हिस्सा नहीं है जम्मू-कश्मीर: गिलानी

Tue, 10 Mar 2015 01:55 AM IST
Updated Tue, 10 Mar 2015 01:55 AM IST
विज्ञापन
jammu kashmir is not part of india says geelani

अलगाववादी नेता और हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी ने अलगाववादी नेता मुसर्रत आलम की रिहाई के मसले को लेकर लगी आग को भड़का दिया है। गिलानी ने न्यूज एजेंसी को बयान देते हुए कहा, भारत को इस कड़वी सच्चाई को मान लेना चाहिए कि जम्मू-कश्मीर विवादित इलाका है और यह भारत का हिस्सा नहीं है।

विज्ञापन


बता दें कि मुसर्रत आलम के जेल से बाहर आने के बाद से लगातार देश भर में बवाल मचा हुआ है। आलम ने जेल से बाहर आने के बाद साफ किया है कि उस पर किसी सरकार ने कोई रहम नहीं किया है। उसकी रिहाई कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई है और वह भारत विरोधी प्रदर्शन जारी रखेगा।
विज्ञापन


वहीं सूत्रों के अनुसार सीएम मुफ्ती मोहम्मद सईद ने मुसर्रत के बाद एक अन्य अलगाववादी नेता आशिक हुसैन फक्तू को भी रिहा करने की तैयारी कर ली है। बता दें कि मुसर्रत की रिहाई के मसले पर आज संसद में जमकर हंगामा हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मसर्रत आलम के मसले पर भाजपा और पीडीपी दोनों मिलकर हंगामा कर रही हैं। दोनों पार्टियां सीएमपी से लोगों का ध्यान भटकाना चाहती हैं क्योंकि सीएमपी एक खौखला दस्तावेज है।
देवेंद्र राणा, नेकां

'कृपया हमें देशभक्ति न सिखाएं'

jammu kashmir is not part of india says geelani

अलगाववादी मसर्रत आलम की रिहाई के मसले पर पीएम मोदी ने कहा, जम्मू-कश्मीर में जो कछ भी हो रहा है उसकी जानकारी केंद्र सरकार को नहीं है। उन्होंने कहा, आतंकवाद पर दलगत राजनीति नहीं होनी चाहिए, हम वो लोग हैं जिन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को इन्हीं विषयों पर बलि किया है, ऐसी हरकत स्वीकार नहीं की जाएगी। विरोधियों पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा, कृपया हमें देशभक्ति न सिखाएं।

वहीं गृहमंत्री राजनाथ स‌िंह ने कहा, मैं यह आश्वस्त करना चाहता हूं कि जब भी राष्ट्रीय सुरक्षा की बात आएगी, हमारी सरकार कोई समझौता नहीं करेगी। विपक्ष ने सरकार से पीडीपी-भाजपा साझा सरकार से समर्थन वापस लेने की मांग की है। कांग्रेस पार्टी ने रियासत के सीएम मुफ्ती मोहम्मद सईद के इस फैसले के खिलाफ संसद में स्‍थगन प्रस्ताव पेश किया है।

रियासत की पैंथर्स पार्टी के नेता भीम स‌िंह का कहना है कि अगर भाजपा को मुफ्ती का फैसला गलत लग रहा है और वह इसका विरोध करती है तो सरकार से अपना समर्थन वापस ले लें। मुफ्ती पर वार करते हुए सिंह ने कहा, मुफ्ती रियासत के दूसरे शेख अब्दुल्ला बनना चाहते हैं। जम्मू में भी मसर्रत आलम की रिहाई के विरोध में जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं।

केंद्र ने मसर्रत आलम पर मांगी रिपोर्ट

jammu kashmir is not part of india says geelani

कट्टर अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की रिहाई से उपजे सियासी तूफान के बीच केंद्र ने जम्मू-कश्मीर सरकार से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मुफ्ती मोहम्मद सईद की सरकार से पूछा है कि किन परिस्थितियों में मसर्रत को रिहा किया गया। मसर्रत की रिहाई के फैसले से गठबंधन की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।

इधर कुंआ उधर खाई वाली स्थिति में फंसी भाजपा ने रविवार को आपात बैठक कर पीडीपी पर न्यूनतम साझा कार्यक्रम की हद से बाहर जाकर फैसला लेने का आरोप लगाया। वहीं, पीडीपी ने कहा है कि मसर्रत की रिहाई न्यूनतम साझा कार्यक्रम का हिस्सा है। कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस ने भी मसर्रत की रिहाई को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला, वहीं पैंथर्स पार्टी ने रविवार और सोमवार को जम्मू बंद का आह्वान किया।

रविवार को जम्मू में विहिप नेता प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि मसर्रत को फिर से गिरफ्तार किया जाए और इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री मुफ्ती जनता से माफी मांगें। रविवार को अवकाश होने के बावजूद दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय में कश्मीर डिवीजन के अधिकारियों ने बैठकर इस मामले में राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगने की कार्रवाई पूरी की।

सूत्रों के मुताबिक 2010 में घाटी में पथराव और हिंसा के मुख्य आरोपी मसर्रत के खिलाफ 15 मामले लंबित हैं। उस पर देश के खिलाफ जंग छेड़ने और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed