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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu Kashmir: 'He has done very bad work for this country' Mehbooba Mufti accuses former Chief Justice

Jammu Kashmir: 'इस मुल्क के लिए बहुत बुरा काम किया है' महबूबा मुफ्ती ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश पर लगाया आरोप

Fri, 29 Nov 2024 03:51 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: निकिता गुप्ता Updated Fri, 29 Nov 2024 03:51 PM IST
सार

महबूबा मुफ्ती ने पूर्व सीजेआई के ग्यानवापी मस्जिद पर फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि यह देश को विभाजन और धार्मिक तनाव की ओर धकेल सकता है।

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Jammu Kashmir: 'He has done very bad work for this country' Mehbooba Mufti accuses former Chief Justice
महबूबा मुफ्ती , पीडीपी प्रमुख - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ पर आरोप लगाया कि उनकी 'गलत फैसले' के कारण मस्जिदों में तलाशी ली जा रही है, जो देश को विभाजन की ओर धकेल सकता है और धर्मनिरपेक्षता की नींव को हिला सकता है। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य लोगों का ध्यान विकास और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से हटा कर विभाजनकारी मुद्दों पर लाना है।
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उन्होंने संवाददाताओं से कहा मैं कहना चाहती हूं कि भारत के एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने इस देश के लिए बहुत बुरा काम किया है, जब उन्होंने ज्ञानवापी मस्जिद से संबंधित निर्णय दिया जिससे कहीं भी शिकायत होने पर कार्रवाई करने की अनुमति दी गई है। यह देश को विभाजन की ओर ले जाएगा। यह हमें खून-खराबे की ओर धकेल रहा है, जैसा कि उत्तर प्रदेश में कुछ घटनाओं में देखा गया, जहां चार-पांच निर्दोष लोग हिंसा के शिकार हो गए।
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उन्होंने 1991 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि सभी धार्मिक स्थानों का स्टैटस 1947 जैसा ही बनाए रखा जाना चाहिए, चाहे वह मंदिर हों या मस्जिद। दुर्भाग्यवश पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने एक ऐसा निर्णय दिया जिसके कारण अब हर मस्जिद में शिवलिंग की खोज हो रही है। इस हस्तक्षेप ने अजमेर शरीफ जैसे पवित्र मुस्लिम स्थलों को भी प्रभावित किया है, जो हिंदुओं के लिए भी महत्वपूर्ण है।
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उन्होंने कहा कि अजमेर शरीफ में हिंदू धर्म के लोग मुस्लिमों से अधिक संख्या में दर्शन के लिए आते हैं। यह दरगाह 800 साल पुरानी है। यदि यह प्रवृत्ति जारी रही तो मुझे डर है कि वे जल्द ही मुस्लिम घरों की तलाशी भी शुरू कर सकते हैं।इससे पहले बुधवार को अजमेर में एक अदालत ने केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और अजमेर दरगाह समिति से एक याचिका पर जवाब मांगा था, जिसमें दरगाह के शारीरिक सर्वेक्षण की मांग की गई थी।

महबूबा ने देश की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा अगर यह जारी रहा तो भगवान न करे, हम 1947 जैसी परिस्थितियों में वापस लौट सकते हैं।हम यह न भूलें कि पंडित नेहरू, गांधी जी, मौलाना अबुल कलाम आज़ाद और सरदार पटेल जैसे नेताओं ने इस देश को धर्मनिरपेक्षता की नींव पर खड़ा किया था, और अब वही नींव हिलाई जा रही है। हिंदू और मुस्लिमों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है।

उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा उनके पास रोजगार नहीं हैं, अच्छे स्कूल और अस्पताल नहीं हैं, किसानों के लिए कोई मदद नहीं है, बल्कि हिंदू-मुस्लिम विवादों को बढ़ाकर इन मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है। महबूबा ने यह भी कहा कि पूर्व मुख्य न्यायाधीश का इस संदर्भ में कार्य काफी नुकसानदायक साबित हुआ है।

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