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कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा को टीम गठन के निर्देश, राज्यपाल बोले विद्यार्थी संस्थानों में लौटें
Tue, 12 Mar 2019 01:14 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 12 Mar 2019 01:14 AM IST
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राज्यपाल सत्यपाल मलिक
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर में पुलवामा हमले के बाद देश के कई राज्यों में कश्मीरी छात्रों को दिक्कतें झेलनी पड़ी थीं। देहरादून समेत कई शहरों के शिक्षण संस्थानों से कश्मीरी छात्र रियासत लौटने पर मजबूर हो गए थे। अब वापसी पर इन छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने एक टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं।
यह टीम उत्तराखंड के देहरादून सहित अन्य राज्यों में, जहां कश्मीरी छात्र बड़ी संख्या में पढ़ते हैं, शैक्षणिक संस्थानों के प्रबंधन संगविचार-विमर्श उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
इसके अलावा यह टीम कश्मीरी छात्रों के छूटे पाठ्यक्रम को समय पर पूरा कराए जाने, छात्रों की उपस्थिति के मसले को देखे जाने के साथ ही छूटे हुए व्याख्यानों के संबंध में भी चर्चा करेगी ताकि शैक्षिक कैलेंडर पूरा करने में किसी तरह की समस्या न आए।
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टीम के सदस्य तमाम चर्चा के बाद इन सभी बिंदुओं समेत वास्तविक स्थिति के संबंध में रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपेंगे। बीती 14 फरवरी को पुलवामा हमले के बाद कई राज्यों में कश्मीरी छात्रों के साथ हिंसा हुई थी, जिसके बाद स्थानीय पार्टियों के नेता उत्तराखंड, पंजाब आदि राज्यों में जाकर यहां के छात्रों को बसों में भरकर लिवा लाए थे।
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यह टीम उत्तराखंड के देहरादून सहित अन्य राज्यों में, जहां कश्मीरी छात्र बड़ी संख्या में पढ़ते हैं, शैक्षणिक संस्थानों के प्रबंधन संगविचार-विमर्श उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
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इसके अलावा यह टीम कश्मीरी छात्रों के छूटे पाठ्यक्रम को समय पर पूरा कराए जाने, छात्रों की उपस्थिति के मसले को देखे जाने के साथ ही छूटे हुए व्याख्यानों के संबंध में भी चर्चा करेगी ताकि शैक्षिक कैलेंडर पूरा करने में किसी तरह की समस्या न आए।
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टीम के सदस्य तमाम चर्चा के बाद इन सभी बिंदुओं समेत वास्तविक स्थिति के संबंध में रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपेंगे। बीती 14 फरवरी को पुलवामा हमले के बाद कई राज्यों में कश्मीरी छात्रों के साथ हिंसा हुई थी, जिसके बाद स्थानीय पार्टियों के नेता उत्तराखंड, पंजाब आदि राज्यों में जाकर यहां के छात्रों को बसों में भरकर लिवा लाए थे।