फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu Kashmir: Government said, efforts are being made to avoid killings targeted to minorities

जम्मू कश्मीर: अल्पसंख्यकों को लक्षित हत्याओं से बचने के सभी प्रयास जारी, सरकार ने हाईकोर्ट ने कहा

Fri, 22 Jul 2022 03:20 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Fri, 22 Jul 2022 03:20 PM IST
सार

मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और न्यायमूर्ति जावेद की खंडपीठ केपीएसएस की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें इस साल की शुरूआत में लक्षित हत्याओं के बाद अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के निर्देश देने की मांग की थी।

विज्ञापन
Jammu Kashmir: Government said, efforts are being made to avoid killings targeted to minorities
highcourt srinagar - फोटो : फाइल

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में अल्पसंख्यकों को लक्षित हत्याओं से बचने के सरकार सभी प्रयास कर रही है। ऐसी घटनाओं की जांच करने के लिए एक मजबूत तंत्र तैयार किया जा रहा है। यह सरकार पर छोड़ा जाता है कि वह कश्मीरी पंडितों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर समस्या का समाधान निकाले। इस टिप्पणी के साथ जम्मू-कश्मीर व लद्दाख उच्च न्यायालय ने वीरवार को कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति (केपीएसएस) की ओर से दाखिल एक जनहित याचिका का निपटारा कर दिया। 

विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और न्यायमूर्ति जावेद की खंडपीठ केपीएसएस की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें इस साल की शुरूआत में लक्षित हत्याओं के बाद अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के निर्देश देने की मांग की थी। खंडपीठ ने कहा, यह सामान्य ज्ञान है कि प्रशासन जम्मू-कश्मीर में धार्मिक अल्पसंख्यकों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए सभी प्रयास कर रहा है और लक्षित हत्याओं से बचने और सभी लक्षित हत्याओं की घटनाओं की जांच के लिए एक मजबूत तंत्र तैनात किया जा रहा है।
विज्ञापन


इस दौरान एडवोकेट जनरल ने जम्मू-कश्मीर सीआईडी के विशेष महानिदेशक का एक नोट सीलबंद लिफाफे में पेश किया। यह नोट यह तर्क देने के लिए था कि सभी मुद्दों को हल करने के लिए हर संभव देखभाल की जाती है।अदालत ने कहा, हम याचिकाकर्ता समिति की ओर से अदालत में पेश किए गए अभ्यावेदन में उठाए गए मुद्दों की मेरिट पर नहीं जाना चाहते बल्कि इन मुद्दों को सरकार के स्तर पर विचार करने, बातचीत करने और हल करने के लिए छोड़ देना उचित समझते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


जम्मू-कश्मीर के गृह सचिव याचिकाकर्ता समिति के प्रतिनिधियों के साथ परामर्श करें। एक बार इस तरह का अभ्यावेदन मिलने के बाद बाद गृह सचिव केपीएसएस के किसी नामित व्यक्ति के साथ बैठेंगे और याचिकाकर्ता की शिकायतों पर विचार करेंगे। अदालत ने कहा, सुझाव मिलने के बाद आवश्यक हो तो सरकार उचित उपचारात्मक कदम उठा सकती है।

केपीएसएस अध्यक्ष ने मुख्य न्यायाधीश को लिखा था पत्र

इस साल पहली जून को मुख्य न्यायाधीश को लिखे एक पत्र में केपीएसएस के अध्यक्ष संजय के टिक्कू ने अदालत से जम्मू-कश्मीर में धार्मिक अल्पसंख्यकों के जीवन की रक्षा के लिए निर्देश जारी करने का आग्रह किया था, जिसमें दावा किया गया था कि बेवकूफियों के कारण उनका जीवन दांव पर लगा है।  

केपीएसएस ने प्रशासन के संबंधित अधिकारी को अनंतनाग में कश्मीरी पंडित अजय पंडिता की हत्या के दिन 8 जून 2020 के बाद तैयार की गई नीति और तंत्र की व्याख्या करने के लिए निर्देश देने की भी मांग की थी।



केपीएसएस ने अनंतनाग की वारदात के बाद बाद से हुई सभी लक्षित हत्याओं की जांच करने, इसमें शामिल सभी अधिकारियों की भूमिका की जांच करने और उनकी ओर से लापरवाही में बिना किसी देरी के उन्हें निलंबित करने के लिए निर्देश देने की भी मांग की थी। केपीएसएस ने 12 जून 2022 से पहले के किए गए अल्पसंख्यकों के सभी तबादलों की जांच करने के निर्देश भी मांगे थे, जो किसी व्यक्ति विशेष के इशारों पर किए गए थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed