जम्मू-कश्मीर: फर्जीवाड़ा कर 98 हजार परिवार ले रहे थे सरकारी राशन, सरकार को लग रही थी 20 करोड़ की
प्रदेश में फर्जीवाड़ा कर सरकारी डिपो से राशन ले रहे 98 हजार परिवारों के डुप्लीकेट कार्ड सूची से काट दिए गए हैं। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने इसकी फाइनल सूची भी जारी कर दी है।
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प्रदेश में फर्जीवाड़ा कर सरकारी डिपो से राशन ले रहे 98 हजार परिवारों के डुप्लीकेट कार्ड सूची से काट दिए गए हैं। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने इसकी फाइनल सूची भी जारी कर दी है। इसी के आधार पर अब लोगों को राशन मुहैया करवाया जाएगा। विभाग की ओर से करवाए गए सर्वे में पता चला था कि कई लोग एक शहर से दूसरे शहर में नौकरी कर रहे हैं और दोनों शहरों में राशन ले रहे हैं।
इतना ही नहीं दूसरे प्रदेश में ब्याही गई लड़कियों के नाम का राशन भी उनके परिवार वाले ले रहे हैं। इसके अलावा बाहरी राज्यों से यहां नौकरी की तलाश में आए लोगों ने भी डिपो होल्डरों से मिलकर अपने राशन कार्ड बनवा लिए थे। इससे सरकार को हर माह राशन वितरित में 20 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा था। आधार सीडिंग के दौरान उपभोक्ताओं के अंगूठे के निशान और अन्य जानकारियां ऑनलाइन अंकित की गईं।
कई लोगों ने फायदे के चक्कर में दूसरी जगह पर भी आधार कार्ड जमा करवाकर डुप्लीकेट राशन कार्ड बनवा लिए थे। ऐसे में डबल एंट्री दर्शाई गई। बाद में इस पर जांच शुरू हुई। जांच में प्रदेश में 98 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं के डुप्लीकेट राशन कार्ड मिले, जिन्हें अब काट दिया है। पहले विभाग ने इस मामले में एफआईआर करने के निर्देश दिए थे। हालांकि अभी तक किसी भी मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हो पाई है।
बाहरी राज्यों के लोगों पर होगी अब कार्रवाई
अब दूसरे राज्यों से प्रदेश में रह रहे राशन कार्ड धारकों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। मौजूदा समय में दूसरे राज्यों के लोगों ने जेएंडके से भी राशन कार्ड बनवाए हैं। जबकि दूसरे राज्यों में भी ये लोग राशन ले रहे हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को चिह्नित किया जा रहा है। दूसरे राज्यों से भी रिकॉर्ड मांगा गया है।
अब प्रदेश भर में आधार ई-राशनिंग शुरू हुई है। इसमें आधार को लिंक किया गया है, उसी आधार पर राशन मिल रहा है। आधार कार्ड में दोहरी एंट्री से फर्जीवाड़ा करने वाले लोग पकड़े गए हैं। इन्हें एक ही जगह राशन मिलेगा। वहीं, बाहरी राज्यों के लोगों को भी संबंधित प्रदेश से जारी हुए राशन कार्ड पर ही राशन मिलेगा। अन्य फर्जी पते वाले राशन कार्ड रद्द किए गए हैं।
- विपिन भगत, सहायक निदेशक, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग