जम्मू-कश्मीर: रामबन भूस्खलन में पांच घर क्षतिग्रस्त, डकसर डल गांव के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर किया शिफ्ट
डकसर डल गांव रामबन जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर की दूरी पर है। एसडीएम गूल तनवीर उल मजीद वानी ने बताया कि गांव के पांच घरों को नुकसान पहुंचा है।
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डोडा जिले के बाद अब रामबन में भूस्खलन से दहशत का माहौल है। गूल सब डिवीजन में संगलदान के डकसर डल गांव में भूस्खलन से पांच घर क्षतिग्रस्त हो गए। लोगों को आनन फानन दूसरी जगहों पर ले जाना पड़ा। वहीं, एक कब्रिस्तान भी भूस्खलन की चपेट में आ गया है।
लोगों ने कब्रिस्तान से शव निकालकर दूसरी जगह सुपुर्द-ए खाक किए। इलाके में अन्य घरों पर भी खतरा मंडरा रहा है। डकसर डल गांव रामबन जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर की दूरी पर है। एसडीएम गूल तनवीर उल मजीद वानी ने बताया कि गांव के पांच घरों को नुकसान पहुंचा है।
यह घर अब रहने लायक नहीं है। प्रभावित परिवारों को टेंट, राशन, बर्तन और कंबल देकर सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। भूस्खलन शुक्रवार को शुरू हो गया था। स्थानीय कब्रिस्तान भी इसकी चपेट में आ गया।
यहां से शव निकालकर दूसरे स्थान पर सुपुर्द-ए खाक किए गए हैं। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। गांव के सरपंच रकीब वानी ने बताया कि अब्दुल गनी और फरीद अहमद के घर पूरी तरह से जमींदोज हो गए हैं जबकि तीन अन्य घरों पर बड़ी दरारें आ गई हैं।
इस इलाके में पहली बार ऐसी घटना हुई है, जिसे लेकर दहशत का माहौल है। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द सुरक्षा उपाय करते हुए अन्य घरों को बचाना होगा।
आपदा प्रबंधन की टीम डोडा पहुंची
रामबन से पूर्व डोडा जिले के नई बस्ती गांव में भूस्खलन से 19 घर, मस्जिद और लड़कियों के धार्मिक स्कूल की इमारत क्षतिग्रस्त हो गई थी। रविवार को गांव की स्थिति का जायजा लेने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान की टीम प्रो. सूर्य प्रकाश की अध्यक्षता में ठाठरी पहुंची। इससे पूर्व ज्योलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की टीम ने घरों में दरारें पड़ने के कारणों की जांच की थी।