Jammu Kashmir : तीन माह में हर ऑपरेशन सफल, सीमा पार से पांच घुसपैठ नाकाम; बगैर नुकसान 10 आतंकी ढेर
ऑपरेशन का नतीजा है कि आतंकियों का बड़े स्तर पर सफाया हो रहा है। सबसे अहम बात यह है कि सुरक्षा एजेंसियों ने बिना किसी अपने नुकसान के आतंकियों को ढेर किया है।
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पहलगाम आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ एक विशेष और सटीक रणनीति के तहत ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। इन्हीं ऑपरेशन का नतीजा है कि आतंकियों का बड़े स्तर पर सफाया हो रहा है। सबसे अहम बात यह है कि सुरक्षा एजेंसियों ने बिना किसी अपने नुकसान के आतंकियों को ढेर किया है।
करीब तीन माह में 10 आतंकी मारे जा चुके हैं। बड़ी बात यह है कि आतंकियों को ढेर करते समय चलाए गए इन ऑपरेशनों में सेना और पुलिस को कोई क्षति नहीं पहुंची है। सीमा पार से पांच आतंकी घुसपैठ नाकाम की गई हैं। आतंकी संगठनों को मदद करने वाले करीब 12 मददगार गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें एक पाकिस्तानी भी शामिल है। पूर्व डीजीपी एसपी वैद का कहना है कि उन्होंने पहले ही कहा था कि इसके पहले की आतंकी कुछ करें, वे जहां पर छिपे हैं उनको वहीं पर ढेर किया जाए।
मौजूदा समय में जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियां मिलकर ऐसा ही कर रही हैं। आतंकियों की सूचना मिलने पर पूरे इलाके को घेरा जा रहा है। आतंकियों तक पहुंचकर इनका खात्मा किया जा रहा है। इसी के चलते सटीक ऑपरेशन हो रहे हैं। इसके अलावा स्थानीय खुिफया तंत्र को भी सक्रिय किया गया है ताकि हर जानकारी सेना तक पहुंच सके। सेना को इसका भी काफी फायदा मिल रहा है।
स्थानीय खुफिया नेटवर्क काम आ रहा
ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना और पुलिस ने अपना स्थानीय नेटवर्क काफी मजबूत किया है। आतंकी संगठनों को स्थानीय स्तर पर मदद भी काम मिल रही है। एजेंसियों को सटीक इनपुट मिल रहे हैं। इसके चलते ऑपरेशन सफल हो रहे हैं। मेरा मानना है कि जल्द ही प्रदेश में सक्रिय आतंकी मारे जाएंगे।
- विजय सागर, पूर्व ब्रिगेडियर
आतंकियों की रसद पर करें चोट
आतंकियों का पूरी तरह से सफाया करने के लिए इनको मिलने वाली रसद, आश्रय और अन्य मदद पर चोट करनी होगी। इसके लिए एजेंसियों को चाहिए कि स्थानीय स्तर पर लोगों के बीच विश्वास पैदा करें। उनको आतंकियों के बारे में सूचना मिलने पर तत्काल जानकारी देने के लिए विश्वास में लें।
- राजिंदर सिंह, पूर्व ब्रिगेडियर
सफल ऑपरेशन
- 23 अप्रैल : कुपवाड़ा में एलओसी पर दो आतंकी ढेर
- 13 मई : शोपियां में तीन आतंकी मार गिराए
- 26 जून : उधमपुर के बसंतगढ़ में जैश का टाॅप कमांडर मोल्वी मारा गया
- 29 जुलाई : पुंछ जिले में एलओसी पर दो आतंकी मार गिराए
- एक अगस्त : कश्मीर के कुलगाम में दो आतंकी मार गिराए
कुलगाम में तीसरे दिन भी मुठभेड़ जारी
कुलगाम के अखल वन क्षेत्र में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ रविवार को तीसरे दिन भी जारी रही। शनिवार पूरी रात रुक-रुककर गूंजती रही धमाकों की आवाज रविवार सुबह भी सुनी गई। रविवार को एक और जवान घायल हो गया। शुक्रवार रात करीब 8 बजे देवसर के अखल वन क्षेत्र में 4-5 आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद सेना की 9 राष्ट्रीय राइफल्स, जम्मू कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, कुलगाम पुलिस व सीआरपीएफ ने वन क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया।
शनिवार को मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए, जबकि एक अन्य के घायल होने की संभावना है। रविवार को एक आतंकी का शव बरामद हो गया है, जबकि ड्रोन से देखे गए दूसरे आतंकी का शव नहीं मिला। मारे गए आतंकवादी से एके सीरीज की राइफल, दो मैगजीन, हैंड ग्रेनेड आदि बरामद हुए हैं। शनिवार को एक सैन्य अधिकारी भी घायल हुए थे। उनका श्रीनगर के 92 बेस अस्पताल में इलाज चल रहा है।
सूत्रों ने बताया कि यह साल के सबसे बड़े आतंकवाद रोधी अभियानों में से एक हो सकता है। इस अभियान में ड्रोन और थर्मल इमेजिंग उपकरणों सहित उच्च तकनीक वाले निगरानी उपकरण के साथ हेलीकॉप्टर भी लगाए गए हैं। पुलिस महानिदेशक और 15वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) सहित वरिष्ठ पुलिस और सैन्य अधिकारी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं।
अभियान अभी भी जारी है। घाटी में एक सप्ताह में यह दूसरा ऑपरेशन है। इससे पहले श्रीनगर के दाछीगाम में ऑपरेशन महादेव के दौरान लश्कर के एक कमांडर सहित तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया गया था।