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Jammu Eection: हकीकत से ज्यादा सियासत... सत्ता के केंद्र में 370, कश्मीर घाटी में मुस्लिम वोट बैंक पर नजर

Fri, 06 Sep 2024 02:46 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: शाहरुख खान Updated Fri, 06 Sep 2024 02:46 PM IST
सार

पीपुल्स कॉन्फ्रेंस ने भी नेकां, पीडीपी, अपनी पार्टी की तर्ज पर घोषणापत्र जारी किया है। 370 की बहाली के बहाने मुस्लिम वोट बैंक पर नजर है। पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने कहा कि एक दिन आएगा जब हमारे पास अनुच्छेद 370 के बराबर संघीय समाधान होगा।
 

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Jammu Kashmir Election People Conference released manifesto following NC, PDP
Jammu Kashmir Election - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अनुच्छेद 370 की बहाली का मुद्दा भाजपा बनाम विपक्ष हो गया है। खास बात यह है कि लगभग सभी विपक्षी पार्टियां कई मौकों पर ये दोहरा चुकी हैं कि 370 की बहाली संसद के हाथ में है बावजूद इसके वे 370 की बहाली का वादा कर इस मुद्दे को भुनाने में जुटी हैं। तमाम विपक्षी पार्टियां ऐसा मानने के बावजूद अपने घोषणापत्रों में इस वादे को सबसे ऊपर रख रही हैं।
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वोट बैंक का मसला बन चुके इस मुद्दे के हल के वादे को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी और अपनी पार्टी के बाद पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के रूप में चौथा दल घोषणा पत्र लेकर चुनाव मैदान में कूदा है। फारूक अब्दुल्ला कह चुके हैं कि 100 साल तक अनुच्छेद 370 की बहाली संभव नहीं है। अब यह इतना आसान नहीं। इसके लिए संसद में आपके लोग चाहिए।
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उनके बयान के बाद भी उमर अब्दुल्ला द्वारा जारी किए गए घोषणापत्र में 370 की बहाली का वादा जोर-शोर से किया गया है। पीडीपी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती भी अपने घोषणापत्र में 370 की बहाली के लिए लड़ाई लड़ने का वादा कर चुकी हैं। पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने वीरवार को कहा कि उनकी पार्टी जम्मू-कश्मीर विधानसभा में अनुच्छेद 370 की बहाली की मांग करने वाले किसी भी प्रस्ताव का समर्थन करेगी।
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अगर कोई पार्टी नई विधानसभा में ऐसा प्रस्ताव पेश नहीं करती, तो उनकी पार्टी इसकी पहल करेगी। हालांकि, विधानसभा में प्रस्ताव पारित करना सिर्फ एक नैतिक बात है, क्योंकि इससे विशेष दर्जा वापस नहीं मिलेगा। इसे केवल संसद में ही बहाल किया जा सकता है। 

अनुच्छेद 35ए की बहाली पर कहा कि अगर जम्मू-कश्मीर राज्य का दर्जा बहाल किया जाता है, तो प्रावधान को आंशिक रूप से बहाल किया जा सकता है। हम हिमाचल प्रदेश की तरह यहां विधानसभा में इसके कुछ हिस्सों (अनुच्छेद 35ए) को पारित कर सकते हैं।

लोन ने कहा कि अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए हम सभी को मिलकर आंदोलन करना होगा। सज्जाद गनी लोन ने कहा कि मेरा मानना है कि जैसे-जैसे भारतीय लोकतंत्र विकसित होगा, एक दिन आएगा जब हमारे पास अनुच्छेद 370 के बराबर एक संघीय समाधान होगा।

राजनीतिक मायने
मुस्लिम वोट का सवाल, इसलिए कश्मीर में ही मुद्दा है 370

राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि 370 की बहाली अब केवल सियासी मुद्दे से ज्यादा कुछ नहीं रह गया है। एक विशेषज्ञ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सभी राजनीतिक पार्टियां अपना-अपना एजेंडा लेकर चुनाव में उतरी हैं। क्षेत्रीय पार्टियों को लगता है कि अगर वह अनुच्छेद 370 की बहाली की बात नहीं करेंगी तो कश्मीर का मुस्लमान उन्हें वोट नहीं करेगा। ये पार्टियां लोगों की भावनाओं के साथ खेल रही हैं। उन्हें पता है कि वोट इसी कारण से मिलेगा। दूसरा 370 का मुद्दा केवल कश्मीर तक ही सीमित है। कश्मीर के बाहर की पार्टियां इस पर बात नहीं कर रहीं। 

कानूनी मायने
370 का चैप्टर खत्म, राज्य के हाथ में कुछ नहीं

अनुच्छेद 370 के केस में सुप्रीम कोर्ट अभी कानूनी पहलुओं पर चर्चा कर चुका है। इसको हटाने के सभी प्रावधानों को भी सही ठहरा चुका है। पार्टियां इसकी बहाली की बात जरूर कर रही हैं लेकिन राज्य के हाथ में अब कुछ नहीं है। इसकी बहाली के लिए संसद में आपके पास बहुमत होना जारूरी है। 370 की बात तो दूर राज्य का दर्जा भी राज्य सरकार बहाल नहीं कर सकती। उसका रास्ता भी संसद से ही निकलेगा। -अंकुर शर्मा, एडवोकेट

अनुच्छेद 370 की बहाली 100 साल तक नहीं हो पाएगी। भले ही 100 साल लग जाएं मगर लोगों की इच्छा एक दिन पूरी होगी। भारत के लोगों को आजादी मिलने में 75 साल लग गए थे। -फारूक अब्दुल्ला, अवंतीपोरा (27 अगस्त)

 

कांग्रेस का रुख भी स्पष्ट नहीं
स्वायत्त दर्जे ने न केवल राज्य की पहचान छीन ली है, बल्कि इसके लोगों के अधिकारों और संसाधनों को भी नष्ट कर दिया है। भारत के इतिहास में पहली बार राज्य का दर्जा छीन लिया गया है। हम चाहते थे कि पहले आपको राज्य का दर्जा मिले और फिर चुनाव हो। लेकिन भाजपा ऐसा नहीं चाहती है, उनका कहना है कि पहले चुनाव होंगे और फिर राज्य के मुद्दे पर चर्चा होगी।
राहुल गांधी, रामबन (4 सितंबर)
 

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