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Jammu Kashmir Domicile Act: 15 दिन में मिलेगा प्रमाण पत्र, देरी हुई तो अधिकारी के वेतन से कटेंगे 50 हजार रुपये

Tue, 19 May 2020 02:53 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Tue, 19 May 2020 02:53 PM IST
सार

डोमिसाइल एक्ट में कश्मीरी विस्थापितों को बड़ी राहत दी गई है। साथ ही इससे शरणार्थी और सफाई कर्मी भी लाभान्वित होंगे। 15 साल जम्मू-कश्मीर में रहे व्यक्ति के बच्चों के मामले में तहसीलदार सक्षम प्राधिकारी रहेगा। आवेदक को इसके लिए राशन कार्ड, शिक्षण रिकॉर्ड आदि पेश करने होंगे।

 

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Jammu Kashmir Domicile Act Rules, certificate to be found in 15 days
जम्मू कश्मीर डोमिसाइल एक्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश में स्थानीय नागरिक प्रमाण पत्र (पीआरसी) की जगह डोमिसाइल सर्टिफिकेट जारी करने के लिए 15 दिन का समय निर्धारित किया गया है। आवेदन संबंधित तहसीलदार के नाम करना होगा। पंद्रह दिन के भीतर सक्षम प्राधिकारी आवेदन का निपटारा करेंगे। यदि पंद्रह दिन के भीतर निपटारा नहीं होता है तो आवेदक अपीलेट अथॉरिटी जिला मजिस्ट्रेट से अपील कर सकेंगे।

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अपीलेट अथॉरिटी के आदेश पर तहसीलदार को अंतिम सात दिन में प्रमाणपत्र जारी करने के आदेश होंगे। यदि इसके बाद भी डोमिसाइल जारी नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारी के वेतन से 50 हजार रुपये काटकर जुर्माना लगाया जाएगा।
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आवेदक को इसके लिए राशन कार्ड, शिक्षण रिकॉर्ड आदि पेश करने होंगे। 15 साल जम्मू-कश्मीर में रहे व्यक्ति के बच्चों के मामले में भी तहसीलदार सक्षम प्राधिकारी रहेगा। सात साल जम्मू-कश्मीर में पढ़ाई करने वाले लोगों के मामले में भी तहसीलदार सक्षम प्राधिकारी रहेगा।

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विस्थापितों के मामले देखेंगे राहत और पुनर्वास आयुक्त

विस्थापितों के मामले में राहत और पुनर्वास आयुक्त विस्थापित सक्षम प्राधिकारी रहेगा। विस्थापितों के बच्चों के मामले में भी ऐसा ही रहेगा। केंद्रीय सेवाओं के अधिकारियों के बच्चों के मामले में अतिरिक्त सचिव या सामान्य प्रशासनिक विभाग का इसके लिए नियुक्त अधिकारी सक्षम प्राधिकारी रहेगा। दस साल तक सेवा करने वाले अधिकारियों के मामले में सक्षम प्राधिकारी मनोनीत होगा। जम्मू-कश्मीर के निवासियों के वह बच्चे जो प्रदेश से बाहर नौकरी या अन्य काम कर रहे हैं, तहसीलदार सक्षम प्राधिकारी रहेगा।

कश्मीरी विस्थापितों को राहत
कश्मीरी विस्थापित पीआरसी या फिर माइग्रेंट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दिखाकर डोमिसाइल ले सकेंगे। ऐसे विस्थापित जो किसी कारण से राहत एवं पुनर्वास आयुक्त के पास अपना पंजीकरण नहीं करा सके हैं, उन्हें भी पंजीकरण का अवसर दिया जाएगा। प्रदेश से बाहर रह रहे विस्थापित 1951/1988 की मतदाता सूची, रोजगार प्रमाण पत्र, संपत्ति स्वामी प्रमाण पत्र जैसे किसी भी दस्तावेज को दिखाकर डोमिसाइल पाने के हकदार होंगे।

शरणार्थी, सफाई कर्मी होंगे लाभान्वित
पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थी, सफाई कर्मचारी और दूसरे राज्यों में शादी करने वाली महिलाओं के बच्चे भी अब डोमिसाइल के हकदार होंगे। इन सभी के लिए 15 वर्ष तक प्रदेश में रहने समेत अन्य श्रेणी की अनिवार्यता के नियम लागू होंगे।

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