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जम्मू कश्मीर: डीजीपी बोले- विवाद बढ़ाने वाली सामग्री पोस्ट करना अपराध, जल्द बनेगा कानून
Fri, 01 Dec 2023 02:23 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Fri, 01 Dec 2023 02:23 PM IST
सार
डीजीपी ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 144 के तहत किसी भी प्रकार की सामग्री, संदेश, वीडियो, ऑडियो पोस्ट करने पर एक कानून लाने का फैसला किया है, जो सांप्रदायिक वैमनस्य को भड़काएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
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डीजीपी आरआर स्वैन
- फोटो : पुलिस
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विस्तार
वैमनस्य या विवाद को बढ़ावा देने वाली कोई भी पोस्ट करना जल्द ही जम्मू-कश्मीर में अपराध माना जाएगा। आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत इसके लिए एक नया प्रावधान लागू किया जाएगा। एनआईटी के एक छात्र की पोस्ट पर पैदा हुए विवाद के बाद वीरवार को डीजीपी आरआर स्वैन ने कहा कि आतंकवादियों, अलगाववादियों या राष्ट्र-विरोधी तत्वों द्वारा ऐसे संदेश या वीडियो पोस्ट करना अपराध की श्रेणी में लाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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डीजीपी ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 144 के तहत किसी भी प्रकार की सामग्री, संदेश, वीडियो, ऑडियो पोस्ट करने पर एक कानून लाने का फैसला किया है, जो सांप्रदायिक वैमनस्य को भड़काएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। स्वैन ने जम्मू में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते कहा कि चाहे वे आतंकवादी हों, अलगाववादी हों या राष्ट्र-विरोधी तत्व ऐसे संदेश और वीडियो पोस्ट करना कानून के मुताबिक अपराध होगा।
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कानून पहले फीडबैक के लिए रखा जाएगा सार्वजनिक डोमेन में
डीजीपी ने कहा कि कानून बनने से पहले इसे फीडबैक के लिए सार्वजनिक डोमेन में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी सामग्री को फॉरवर्ड करने और साझा करने वालों को भी कानूनी परिणाम भुगतने होंगे। स्वैन ने लोगों से ऐसी सामग्री की शिकायत नजदीकी पुलिस स्टेशन में करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पैगंबर (मुहम्मद) के सम्मान को नुकसान पहुंचाने वाले वीडियो आगे भेजना भी अपराध है। हम ऐसे लोगों को सूचीबद्ध करेंगे। ऐसा काम करने वालों को नुकसान का सामना करना पड़ेगा। डीजीपी ने कहा कि ऐसे वीडियो डर पैदा करते हैं। विवाद में नतीजा किसी अन्य को भुगतना पड़ता है।
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पाकिस्तान के हैंडलर विवादित वीडियो बनाकर करते हैं पोस्ट
स्वैन ने कहा कि पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडलर ऐसी सामग्री बनाते है और पोस्ट करते हैं। कुछ स्थानीय स्तर पर शरारती तत्व इसे आगे भेज देते हैं, जिससे दिक्कतें खड़ी होती हैं। इससे माहौल खराब होता है। को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने कहा कि पुलिस ऐसे उपद्रवियों को अलग-थलग करने के लिए कश्मीर के लोगों के साथ मिलकर काम करेगी।