{"_id":"61a3ebc00f2c7125ce5b383b","slug":"jammu-kashmir-development-city-reporter-news-jmu248800616","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली गुल होने पर भी जगमगाएंगे पंचायत घर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली गुल होने पर भी जगमगाएंगे पंचायत घर
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर में पंचायत घरों को सोलर लाइट से रोशन किया जाएगा। इसके लिए पंचायतीराज विभाग प्रथम चरण में एक हजार पंचायत घरों को सौर ऊर्जा के तहत कवर करेगा। इसमें जम्मू और कश्मीर संभाग के 500-500 पंचायत घरों में सौर ऊर्जा उपकरण लगाए जाएंगे। खास बात यह होगी कि पहले चरण में कवर होने वाले सभी पंचायत घर सीमावर्ती क्षेत्रों के होंगे।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली का संकट अन्य क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा रहता है। ऐसे में पंचायत घरों के कामकाज पर भी इसका असर पड़ता है। उदाहरण के तौर पर ठंड के मौसम में बिजली गुल होने पर पंचायत घरों में दिन में बल्ब आदि नहीं जल पाते। इसी तरह शाम होते ही घना अंधेरा पसरा रहता है।
ऐसी समस्याओं का समाधान करने के लिए सोलर सिस्टम से पंचायत घरों को जोड़ा जाएगा। जम्मू-कश्मीर के पंचायतीराज विभाग के निदेशक राकेश सरंगल का कहना है कि अक्षय ऊर्जा के जरिये पंचायत भवनों को जोड़कर गांवों में सार्थक बदलाव लाया जा जाएगा।
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योजना के प्रथम चरण में प्रदेश के सीमांत क्षेत्रों के 1000 पंचायत घरों को सौर ऊर्जा प्रणाली के तहत कवर किया जाएगा। यह प्रयोग सफल रहा तो चरणबद्ध तरीके से अन्य पंचायत घरों को भी कवर किया जाएगा। इसके लिए टेंटर आमंत्रित किए गए हैं। इससे बड़ा लाभ यह होगा कि पारंपरिक बिजली रहे या न रहे पंचायत घरों में बिजली जरूर उपलब्ध रहा करेगी।
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आधिकारिक सूत्रों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली का संकट अन्य क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा रहता है। ऐसे में पंचायत घरों के कामकाज पर भी इसका असर पड़ता है। उदाहरण के तौर पर ठंड के मौसम में बिजली गुल होने पर पंचायत घरों में दिन में बल्ब आदि नहीं जल पाते। इसी तरह शाम होते ही घना अंधेरा पसरा रहता है।
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ऐसी समस्याओं का समाधान करने के लिए सोलर सिस्टम से पंचायत घरों को जोड़ा जाएगा। जम्मू-कश्मीर के पंचायतीराज विभाग के निदेशक राकेश सरंगल का कहना है कि अक्षय ऊर्जा के जरिये पंचायत भवनों को जोड़कर गांवों में सार्थक बदलाव लाया जा जाएगा।
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योजना के प्रथम चरण में प्रदेश के सीमांत क्षेत्रों के 1000 पंचायत घरों को सौर ऊर्जा प्रणाली के तहत कवर किया जाएगा। यह प्रयोग सफल रहा तो चरणबद्ध तरीके से अन्य पंचायत घरों को भी कवर किया जाएगा। इसके लिए टेंटर आमंत्रित किए गए हैं। इससे बड़ा लाभ यह होगा कि पारंपरिक बिजली रहे या न रहे पंचायत घरों में बिजली जरूर उपलब्ध रहा करेगी।