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जम्मू कश्मीर: नेशनल कांफ्रेंस का डेलीगेट सम्मेलन आज, किसे मिलेगी पार्टी अध्यक्षता, होगा तय
Mon, 05 Dec 2022 10:32 AM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Mon, 05 Dec 2022 10:32 AM IST
सार
पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आयोजन स्थल को पार्टी के झंडों से पाट दिया गया है। जम्मू और कश्मीर दोनों संभाग के प्रत्येक ब्लाक से डेलीगेट्स बुलाए गए हैं।
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Farooq Abdullah
- फोटो : File Photo
विस्तार
पांच साल बाद सोमवार को हो रहे नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के डेलीगेट सम्मेलन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शेख अब्दुल्ला के जन्मदिन पर उनकी मजार पर आयोजित सम्मेलन की तैयारियों की कमान खुद पार्टी उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने अपने हाथ में ली है। सम्मेलन में अनुच्छेद 370 की वापसी के लिए लोकतांत्रिक ढंग से आंदोलन जारी रखने, चुनाव से पहले राज्य का दर्जा बहाल करने, चुनाव जल्द से जल्द कराने और स्थानीय को नौकरी व जमीन पर मालिकाना हक बरकरार रखने का संकल्प दोहराया जाएगा। नए अध्यक्ष का एलान भी किया जाएगा।
डॉ. फारूक अब्दुल्ला की दोबारा ताजपोशी के प्रबल संभावना जताई जा रही है। पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आयोजन स्थल को पार्टी के झंडों से पाट दिया गया है। आसपास के इलाकों को भी झंडियों से सजाया गया है। दावा किया कि लगभग 10 हजार कुर्सियां लगाई गई हैं। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि जम्मू और कश्मीर दोनों संभाग के प्रत्येक ब्लाक से डेलीगेट्स बुलाए गए हैं।
इस वजह से भारी भीड़ जुटने की संभावना के मद्देनजर तैयारियां की गई हैं। रविवार की शाम को उमर अब्दुल्ला ने अपनी टीम के साथ सम्मेलन स्थल पर पहुंचकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया। सूत्रों का कहना है कि सम्मेलन में महंगाई का मुद्दा उठाया जा सकता है। साथ ही वर्तमान समय में प्रशासन के आम लोगों के हित में काम न करने का भी आरोप लगाते हुए विधानसभा चुनाव जल्द से जल्द कराने की आवाज बुलंद की जा सकती है।
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युवाओं को अन्य राज्यों की जेल में भेजे जाने का मुद्दा भी उठाया जा सकता है। सम्मेलन में मुद्दों को उठाते हुए भाजपा को भी कटघरे में खड़ा करने की कोशिशें की जा सकती हैं। इसके साथ ही कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की सुरक्षा व इनके वेतन का भुगतान, अन्य विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के नियमितीकरण और जम्मू-कश्मीर के लोगों को नौकरी व जमीन के हक की गारंटी दिए जाने का मसला भी उठाया जा सकता है।
फारूक ने मुंबई से लौटकर तैयारियों को दिया अंतिम रूप
डॉ. फारूक अब्दुल्ला दोपहर बाद मुंबई से श्रीनगर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर तैयारियों पर चर्चा की। सम्मेलन में आने वाले राजनीतिक, आर्थिक और मौजूदा स्थितियों पर प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया। ज्ञात हो कि इससे पहले 2017 में डेलीगेट सम्मेलन हुआ था।
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डॉ. फारूक अब्दुल्ला की दोबारा ताजपोशी के प्रबल संभावना जताई जा रही है। पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आयोजन स्थल को पार्टी के झंडों से पाट दिया गया है। आसपास के इलाकों को भी झंडियों से सजाया गया है। दावा किया कि लगभग 10 हजार कुर्सियां लगाई गई हैं। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि जम्मू और कश्मीर दोनों संभाग के प्रत्येक ब्लाक से डेलीगेट्स बुलाए गए हैं।
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इस वजह से भारी भीड़ जुटने की संभावना के मद्देनजर तैयारियां की गई हैं। रविवार की शाम को उमर अब्दुल्ला ने अपनी टीम के साथ सम्मेलन स्थल पर पहुंचकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया। सूत्रों का कहना है कि सम्मेलन में महंगाई का मुद्दा उठाया जा सकता है। साथ ही वर्तमान समय में प्रशासन के आम लोगों के हित में काम न करने का भी आरोप लगाते हुए विधानसभा चुनाव जल्द से जल्द कराने की आवाज बुलंद की जा सकती है।
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युवाओं को अन्य राज्यों की जेल में भेजे जाने का मुद्दा भी उठाया जा सकता है। सम्मेलन में मुद्दों को उठाते हुए भाजपा को भी कटघरे में खड़ा करने की कोशिशें की जा सकती हैं। इसके साथ ही कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की सुरक्षा व इनके वेतन का भुगतान, अन्य विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के नियमितीकरण और जम्मू-कश्मीर के लोगों को नौकरी व जमीन के हक की गारंटी दिए जाने का मसला भी उठाया जा सकता है।
फारूक ने मुंबई से लौटकर तैयारियों को दिया अंतिम रूप
डॉ. फारूक अब्दुल्ला दोपहर बाद मुंबई से श्रीनगर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर तैयारियों पर चर्चा की। सम्मेलन में आने वाले राजनीतिक, आर्थिक और मौजूदा स्थितियों पर प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया। ज्ञात हो कि इससे पहले 2017 में डेलीगेट सम्मेलन हुआ था।