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जम्मू कश्मीर: भांग की औषधि भद्रवाह के लैवेंडर की तरह बनेगी मिसाल, आईआईआईएम जम्मू करेगा तैयार
Fri, 09 Jun 2023 11:39 AM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Fri, 09 Jun 2023 11:39 AM IST
सार
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि कैंसर, मिर्गी, जोड़ों के दर्द से निजात दिलाने में भांग औषधि रामबाण साबित हुई है।
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Dr. Jitendra Singh
- फोटो : संवाद
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विस्तार
आईआईआईएम जम्मू में तैयार की जाने वाली भांग की औषधि लैवेंडर की तरह देश के लिए मिसाल बनेगी। यह बात गुरुवार को केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि कैंसर, मिर्गी, जोड़ों के दर्द से निजात दिलाने में भांग औषधि रामबाण साबित हुई है।
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उन्होंने कहा कि कनाडा के सहयोग से सीएसआईआर-आईआईआईएम जम्मू की कैनबिस रिसर्च प्रोजेक्ट भारत में पहली परियोजना है, जिसमें निर्यात उत्पादन की बड़ी क्षमता है। मधुमेह न्यूरोपैथी, तंत्रिका विज्ञान, कैंसर और मिर्गी के लिए गुणवत्तापूर्ण दवा बनाई जाती है। उन्होंने कहा कि आईआईआईएम और इंडसस्कैन के बीच वैज्ञानिक समझौते पर हस्ताक्षर करना न केवल जम्मू-कश्मीर के लिए बल्कि पूरे भारत के लिए ऐतिहासिक था। इसमें उन दवाओं का उत्पादन करने की क्षमता है, जिन्हें देश व विदेशों से निर्यात किया जाना है। उन्होंने कहा कि अब इस परियोजना से जम्मू-कश्मीर में भारी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।
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डॉ. जितेंद्र ने कहा कि सीएसआईआर-आईआईआईएम, आईआईएम, आईआईटी, एम्स आदि संस्थानों के बीच तालमेल जरूरी है। उन्होंने डीएसटी और अन्य हितधारकों को एक कार्यशाला आयोजित करने का भी निर्देश दिया, ताकि चुनौतियों और मुद्दों का मौके पर ही निवारण किया जा सके। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. परविंद्र सिंह ने कहा कि इस औषधि का केमिकल कंपोजिशन जानने के लिए किश्तवाड़, डोडा के खिलैनी, उधमपुर के लाटी आदि स्थानों से बीज सैंपल लाए गए थे।
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संस्थान के निदेशक डॉ. ज़बीर अहमद ने वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने में डॉ. जितेंद्र सिंह के समर्थन और नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कैनबिस अनुसंधान के क्षेत्र को आगे बढ़ाने में केंद्रीय मंत्री की गहरी रुचि और वैज्ञानिक अन्वेषण के लिए एक सक्षम वातावरण बनाने के उनके निरंतर प्रयासों को स्वीकार किया।
डॉ. ज़बीर अहमद ने परियोजना को आगे बढ़ाने और आवश्यक संसाधन और सहायता प्रदान करने में डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। मौके पर एम्स के निदेशक डॉ. शक्ति कुमार गुप्ता, जीएमसी जम्मू की प्रिंसिपल डॉ. शशि सुदन शर्मा, आबकारी आयुक्त पंकज कुमार शर्मा, डायरेक्टर जनरल कोड शादी लाल पंडिता आदि उपस्थित रहे।