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जम्मू-कश्मीर: भुज मुख्यालय से जासूसी में बीएसएफ जवान गिरफ्तार, पाकिस्तान को कराता था गुप्त सूचनाएं मुहैया
Wed, 27 Oct 2021 11:28 AM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Wed, 27 Oct 2021 11:28 AM IST
सार
राजोरी के सरोला गांव का रहने वाला है सज्जाद। उसके भाई और सहयोगी के खाते में पैसे आते थे।
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arrested demo
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
गुजरात के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने भुज में तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक जवान कथित तौर पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। वह पड़ोसी देश को गुप्त और संवेदनशील जानकारी व्हाट्स एप पर उपलब्ध कराता था। जवान की शिनाख्त राजोरी के सरोला गांव निवासी मोहम्मद सज्जाद के रूप में हुई है। उसके पास से दो मोबाइल, उनके सिम और दो अतिरिक्त सिम बरामद किए गए हैं। मामले की जांच की जा रही है।
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गुजरात एटीएस के अनुसार, गिरफ्तार बीएसएफ जवान मोहम्मद सज्जाद भुज में 74 बीएसएफ बटालियन में तैनात था। उसे भुज में बीएसएफ मुख्यालय से गिरफ्तार किया गया था। वह वर्ष 2012 में कांस्टेबल के तौर पर बीएसएफ में शामिल हुआ था। एटीएस ने कहा कि उसे अपने भाई वाजिद और सहयोगी इकबाल राशिद के खातों में पाकिस्तान को दी गई जानकारी प्रदान करने के लिए पैसे मिल रहे थे। सज्जाद ने अपना पासपोर्ट जम्मू के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से बनवाया था। इसी पासपोर्ट पर उसने 1 दिसंबर 2011 से 16 जनवरी 2012 के बीच 46 दिनों के लिए पाकिस्तान की यात्रा की थी। पाकिस्तान जाने के लिए वह अटारी रेलवे स्टेशन से समझौता एक्सप्रेस में सवार हुआ था।
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एटीएस के मुताबिक सज्जाद दो फोन का इस्तेमाल करता था। अपने एक फोन पर उसने आखिरी बार 14-15 जनवरी 2021 को एक सिम कार्ड एक्टिव किया था। जब उस नंबर के सीडीआर (कॉल डेटा रिकॉर्ड) की जांच की गई, तो पता चला कि सिम कार्ड त्रिपुरा के सत्यगोपाल घोष के नाम पर है। पहली बार 7 नवंबर 2020 को सक्रिय हुआ और इस नंबर पर उसे (सज्जाद) दो कॉल आए थे। 25 दिसंबर 2020 तक निष्क्रिय होने से पहले यह नंबर 9 नवंबर तक चालू था।
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इसे 26 दिसंबर 2020 को फिर से सक्रिय किया गया था। 15 जनवरी, 2021 को जब नंबर पुन: सक्रिय किया गया तो 12.38 बजे एक एसएमएस प्राप्त हुआ था, जो व्हाट्सएप के लिए एक ओटीपी लग रहा था। इसके बाद नंबर को निष्क्त्रिस्य कर दिया गया। एटीएस ने कहा कि आरोपी ने इस नंबर पर ओटीपी प्राप्त किया और उसे पाकिस्तान भेज दिया जहां उसने व्हाट्सएप को सक्रिय कर दिया जिससे वह गुप्त सूचना भेजता था।
एटीएस ने कहा कि व्हाट्स एप अभी भी सक्रिय था और पाकिस्तान में सज्जाद के संपर्क वाला कोई व्यक्ति इस्तेमाल कर रहा था। एटीएस अधिकारियों ने कहा कि सज्जाद ने गलत जन्म तिथि बताकर बीएसएफ को गुमराह किया। आधार कार्ड के अनुसार, उसका जन्म 1 जनवरी 1992 को हुआ था, लेकिन उनके पासपोर्ट में जन्म तिथि 30 जनवरी 1985 दर्ज है।