जम्मू-कश्मीर बैक टू विलेज द्वितीय चरणः ग्रामीणों से मिली नजर तो अफसरों के उड़ गए होश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू कश्मीर के उधमपुर, डोडा, रामबन में चलो गांव की ओर अभियान के दूसरे चरण के तहत अधिकारियों ने गांव जाकर लोगों की समस्या जानी। जब ग्रामीणों ने अधिकारियों को समस्याएं गिनानी शुरू की तो वह हैरान रह गए। बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने अफसरों से गांवों की परेशानी का समाधान जाना तो वह उनसे नजरों नहीं मिला पाए। कई जगहों पर अधिकारी लोगों को सही जानकारी तक नहीं दे पाए।
उधमपुर जिले में बिजली विभाग के एईई रमेश कुमार ने घारेडी ब्लॉक के सलगार पंचायत का दौरा कर लोगों से मुलाकात की। बीडीओ, पंचायत सचिव और बीडीसी अध्यक्ष और सरपंच बांके बिहारी भी मौजूद रहे। सभा के दौरान संबधित पंचायत के लोगों ने अधिकारी के समक्ष क्षेत्र की पानी की समस्या के बारे में बताया। कहा कि वर्ष 2015 में पानी की समस्या को दूर करने के लिए ट्यूबवेल लगाए जाने की रिपोर्ट तैयार की गई थी। चार वर्ष गुजरने के बाद भी कोई काम नहीं हुआ।
इसके अतिरिक्त ग्रामीणों ने करसैल से कराटा लैड रोड, सुलगार से तरमाडा रोड, सहित अन्य सड़क मार्गों के बीच संपर्क को सुचारु करने और इन्हें अपग्रेड करने की मांग उठाई। हाईस्कूल काल्ड़ी को अपग्रेड किए जाने की मांग के साथ ही न्यू प्राइमरी स्कूल करसैल में शिक्षकों की कमी को दूर किए जाने का भी मुद्दा उठाया।
लोगों की समस्याएं व मांगें
उन्होंने कहा कि पिछले सात वर्षों से शिक्षकों की कमी से जूझ रहे इन स्कूलों में छात्रों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। सबसेंटर व वेटरनरी सेंटर सुलगार की इमारत की मंजूरी दी जाए। ब्लॉक घोरडी में डिग्री कॉलेज के अलावा पंचायत सुलगार में केवी स्कूल खोला जाए। पंचायत की बिजली की समस्या को दूर करने के लिए बिजली के पुराने तारों को बदला जाए।
इसके अलावा पंचायत के अधूरे पडे़ अन्य विकास कार्यों को भी जल्द पूरा किया जिनके संबध में बैक टू विलेज कार्यक्रम के प्रथम चरण भी अधिकारियों को अवगत करवाया गया था। वह आज भी अधूरे पडे़ हैं। अधिकारियों ने उन्हें जल्द समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया।