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जम्मू-कश्मीर: अलगाववादियों ने 35ए को बचाने के लिए दी मरने-मारने की धमकी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Thu, 02 Aug 2018 01:08 AM IST
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हाजी गुलाम नबी सुमजी
- फोटो : फाइल
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आल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस मजलिस शूरा (एग्जीक्यूटिव काउंसिल) ने फैसला लिया है कि यदि 35ए के साथ छेड़छाड़ हुई तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस संबंध में बुधवार को बैठक हुई। शूरा के महा सचिव हाजी गुलाम नबी सुमजी ने आपातकालीन बैठक ली।
सुमजी ने कहा कि रियासत में बहुसंख्यक मुसलमानों को अल्पसंख्यक बनाने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए सारी संवैधानिक हदों को पार किया जा रहा है। 35ए को बरकरार रखने के लिए कश्मीर के लोगों के लिए मरने और मारने की स्थिति पैदा हो गई। बैठक में इस विशेष दर्जे को बचाने के लिए ज्वाइंट रजिस्टेंस लीडरशिप ने नई रणनीति बनाई। इसमें कश्मीर के कारोबारी, ट्रांसपोर्टरों, कर्मचारियों, विद्यार्थी वर्ग सभी ने समर्थन दिया है। कहा कि 35 के हटने का मतलब है जम्मू कश्मीर में रोजगार के विकल्प खत्म करना। इससे लोग बेरोजगार होंगे, उनके पास रहने को जगह नहीं होगी। अंजाने लोग उनके आसपास आकर बस जाएंगे।
बैठक में यून सेक्रेटरी से अपील की गई है कि वह इस मुद्दे पर भारत सरकार से बात करें। कहा कि 35 ए और 370 का विशेष दर्जा लोगों को सुरक्षित करने के लिए दिया गया था। यदि यह हट गया तो इससे जम्मू कश्मीर की पूरी स्थिति ही बदल जाएगी।
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35ए से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं
जेकेएलएफ चीफ पैट्रन अब्दुल मजीद और अय्यूब राथर ने कहा कि 35ए से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसे हटाने वालों की मंशा को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। इससे राज्य की भौगोलिक स्थिति ही बदल जाएगी। रियासत के लोगों के लिए स्टेट सब्जेक्ट एक सुरक्षा है, जो उनसे छिन जाएगा। उन्होंने 35 ए को हटाने के विरोध में कश्मीर बंद को समर्थन दिया है।
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सुमजी ने कहा कि रियासत में बहुसंख्यक मुसलमानों को अल्पसंख्यक बनाने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए सारी संवैधानिक हदों को पार किया जा रहा है। 35ए को बरकरार रखने के लिए कश्मीर के लोगों के लिए मरने और मारने की स्थिति पैदा हो गई। बैठक में इस विशेष दर्जे को बचाने के लिए ज्वाइंट रजिस्टेंस लीडरशिप ने नई रणनीति बनाई। इसमें कश्मीर के कारोबारी, ट्रांसपोर्टरों, कर्मचारियों, विद्यार्थी वर्ग सभी ने समर्थन दिया है। कहा कि 35 के हटने का मतलब है जम्मू कश्मीर में रोजगार के विकल्प खत्म करना। इससे लोग बेरोजगार होंगे, उनके पास रहने को जगह नहीं होगी। अंजाने लोग उनके आसपास आकर बस जाएंगे।
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बैठक में यून सेक्रेटरी से अपील की गई है कि वह इस मुद्दे पर भारत सरकार से बात करें। कहा कि 35 ए और 370 का विशेष दर्जा लोगों को सुरक्षित करने के लिए दिया गया था। यदि यह हट गया तो इससे जम्मू कश्मीर की पूरी स्थिति ही बदल जाएगी।
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35ए से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं
जेकेएलएफ चीफ पैट्रन अब्दुल मजीद और अय्यूब राथर ने कहा कि 35ए से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसे हटाने वालों की मंशा को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। इससे राज्य की भौगोलिक स्थिति ही बदल जाएगी। रियासत के लोगों के लिए स्टेट सब्जेक्ट एक सुरक्षा है, जो उनसे छिन जाएगा। उन्होंने 35 ए को हटाने के विरोध में कश्मीर बंद को समर्थन दिया है।