जम्मू कश्मीर: साढ़े पांच लाख बिजली बकाएदारों का 937 करोड़ ब्याज माफ, बारह किस्तों में बिल जमा कर सकेंगे
नई माफी योजना के तहत 31 मार्च 2022 तक की अवधि के बिजली बिल बकाया पर ब्याज दर में सौ फीसदी की रियायत दी जा रही है। बकायेदार इनमें एक भी किस्त समय पर देने से चूक गया तो उसके खिलाफ जुर्माना और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
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जम्मू-कश्मीर में समय पर बिजली बिल न भरने वाले घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को राहत देते हुए सरकार ने माफी योजना शुरू की है। प्रदेश के कुल 22 लाख उपभोक्ताओं में बकाएदार साढ़े पांच लाख लोगों का 937.34 करोड़ का ब्याज सरकार ने माफ कर दिया है। बकाएदार बिना ब्याज के 12 किस्तों में बकाया बिजली बिल भर सकेंगे।
यह फैसला वीरवार को उप राज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई प्रशासनिक परिषद की बैठक में लिया गया। प्रशासनिक परिषद की बैठक में माफी योजना के तहत बकायेदारों को बिना ब्याज के 12 किस्तों में बकाया बिजली बिल भरने की सहूलियत देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
नई माफी योजना के तहत 31 मार्च 2022 तक की अवधि के बिजली बिल बकाया पर ब्याज दर में सौ फीसदी की रियायत दी जा रही है। हालांकि 12 किस्तों को बकायादार को समय पर भरना होगा। अगर बकायेदार इनमें एक भी किस्त समय पर देने से चूक गया तो उसके खिलाफ विद्युत अधिनियम 2010 के तहत जुर्माना और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
इसके अलावा उसे माफी योजना से भी बाहर कर दिया जाएगा। माफी योजना को सक्षम तरीके से अमलीजामा पहनाने के लिए स्वतंत्र परियोजना प्रबंधन एजेंसी की सेवाएं लेने का भी फैसला लिया गया है।
बैठक में उपराज्यपाल के अलावा सलाहकार राजीव राय भटनागर, मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता और उपराज्यपाल के प्रधान सचिव नीतिश्वर कुमार भी मौजूद रहे।
बकाया चुकाने के लिए उपभोक्ताओं को आखिरी मौका
फैसले के अनुसार बिजली बकाया बिलों पर ब्याज दर माफी करने से 937.34 करोड़ की राशि को माफ किया जाएगा। हालांकि प्रशासनिक परिषद ने साफ किया है कि कोरोना महामारी को देखते हुए बिजली बकायेदारों के लिए माफी योजना के तहत बिजली बकाया बिल को 12 किस्तों में भरने का आखिरी मौका दिया जा रहा है।