फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu-Kashmir: 3500 new schools will open in the state next year, two thousand kindergartens will be opened

जम्मू-कश्मीर: प्रदेश में अगले साल खुलेंगे 3500 नए स्कूल, खुले दो हजार किंडरगार्टेन

Sun, 05 Sep 2021 10:44 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Sun, 05 Sep 2021 10:44 PM IST
सार

शिक्षक दिवस के अवसर पर छह कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय व 20 प्रोजेक्ट का ई-शुभारंभ। उप राज्यपाल सिन्हा ने नौ प्रतिभाशाली शिक्षकों को सर्वश्रेष्ठ शिक्षक का दिया पुरस्कार।

विज्ञापन
Jammu-Kashmir: 3500 new schools will open in the state next year, two thousand kindergartens will be opened
manoj sinha - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अगले साल 3500 नए स्कूल खोले जाएंगे। दो हजार किंडरगार्टेन की स्थापना की गई है। इसके साथ स्कूलों में चार हजार ईको क्लब स्थापित किए गए हैं। प्रदेश में सभी 2312 सरकारी स्कूलों में बिजली, पानी सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर कोविड से प्रभावित परिवारों की 57 लड़कियों को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में प्रवेश दिया गया है।

विज्ञापन


शिक्षक दिवस के अवसर पर उप राज्यपाल ने छह कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय तथा शिक्षण संस्थानों में 20 प्रोजेक्ट का ई शुभारंभ किया। साथ ही नौ प्रतिभाशाली शिक्षकों को सर्वश्रेष्ठ शिक्षक का पुरस्कार दिया। शिक्षक दिवस पर नई शिक्षा नीति पर दो दिवसीय कार्यशाला तथा शिक्षा सुधार समितियों के साथ संवाद कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए उप राज्यपाल ने कहा कि नई शिक्षा नीति प्रदेश के साथ देश के विकास में अहम भूमिका निभाएगी। शिक्षक युवा मन को आकार देते हैं और उन्हें भविष्य का नेता बनने के लिए प्रेरित करते हैं।
विज्ञापन


नई शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा में गुणात्मक सुधार शुरू किए हैं जो यह सुनिश्चित करेंगे कि हमारे शिक्षक जम्मू-कश्मीर के आर्थिक विकास में प्रमुख भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति विज्ञान और संस्कार के बीच संतुलन बनाती है। उप-राज्यपाल ने स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा यूटी, संभाग और जिला स्तर पर बनाई शिक्षा सुधार समिति के सदस्यों और 2005 से वर्तमान तक राष्ट्रीय शिक्षा पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों से भी नई शिक्षा नीति पर संवाद किया। नई शिक्षा नीति को जल्द से जल्द और प्रभावी रूप में लागू करने पर विचार- विमर्श किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: इस गांव में पहले करते हैं एक किमी की चढ़ाई तब मिलता है मोबाइल का सिग्नल

नई शिक्षा नीति में प्रतिभा के हिसाब से विषय चुनने की आजादी
उप राज्यपाल ने कहा नई शिक्षा नीति बच्चों को उन्हें अपनी प्रतिभा के हिसाब से विषय चुनने की आजादी देती है। शिक्षकों को बच्चों के मन में जिज्ञासा पैदा करनी होगी, जिससे वह चीजों को समझ सकेंगे। कहा कि उद्योग, आर्थिक व कृषि क्षेत्र में देश ने प्रगति की है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार शिक्षा क्षेत्र में आमूल चूल बदलाव दिख रहा है जो आत्मनिर्भर जम्मू-कश्मीर का रास्ता तय करेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed