बूंद-बूंद को मोहताज: कठुआ सबसे सूखा...सांबा और रियासी भी प्यासे; 85 दिन में रेड और यलो जोन में बंट गए 17 जिले
जम्मू-कश्मीर में मार्च से मई के बीच बारिश में 39% की भारी कमी दर्ज की गई है, जिससे 17 जिले रेड और यलो जोन में शामिल हो गए हैं।
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विस्तार
प्रदेश में सूखे के हालात के बीच कई इलाके बूंद-बूंद के लिए मोहताज हो गए हैं। बीते 85 दिनों में प्रदेश के 17 जिले रेड और एक जिला यलो जोन में शामिल हो गया है। यहां बारिश में 31 से 72 फीसदी की गिरावट सामने आई है। प्राकृतिक और भूमिगत पेयजल स्रोतों पर भी इसका असर पड़ा है।
सूखे के इन हालात का सामना प्रदेश में अभी एक महीने तक और करना पड़ सकता है। प्रदेश में जून के आखिरी हफ्ते में मानसून के दाखिल होने की संभावना है और मौसम विज्ञान विभाग ने तब तक मौसम के शुष्क बने रहने की बात कही है।
बारिश में भारी गिरावट से प्रदेश में जल संकट गहराया
प्रदेश में अब तक बारिश में 39 फीसदी की कमी दर्ज हो चुकी है। मार्च से मई के बीच औसतन बारिश का रिकाॅर्ड 307.6 मिलीमीटर है। जबकि अब तक प्रदेश में 188.8 मिलीमीटर बारिश हुई है। प्रदेश में महज तीन जिले ऐसे हैं जहां सामान्य बारिश हुई है। इनमें बांदीपोरा, कुपवाड़ा और पुलवामा में सामान्य बारिश दर्ज हुई है। कठुआ में 72 फीसदी कमी आंकी गई है और कठुआ को मौसम विज्ञान विभाग ने यलो सूची में रखा है।
कठुआ में सबसे गंभीर हालात, बारिश में 72% की भारी गिरावट
कठुआ में मार्च से मई के मध्य तक बारिश में 72 फीसदी की कमी आई है। कठुआ में सामान्य तौर पर 244.6 मिलमीटर बारिश होती है। जबकि अभी यहां 69.1 फीसदी बारिश हुई है। सांबा में इस अवधि के दौरान बादल 57 फीसदी कम बरसे हैं और कम बारिश के मुकाबले में यह जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर है।
सांबा में मार्च से मई के बीच सामान्य बारिश का रिकॉर्ड 85.3 फीसदी है। लेकिन यहां अभी 37 फीसदी तक ही बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा रियासी तीसरा ऐसा जिला है जहां बारिश की कमी 50 फीसदी से ज्यादा आंकी गई है। रियासी में सामान्य बारिश का आंकड़ा 262.2 फीसदी है और यहां अभी तक 118.2 फीसदी ही बारिश हो पाई है।
फसल और भूजल दोनों पर बारिश का असर: मौसम विज्ञान
इस बार बारिश सामान्य के मुकाबले कम हुई है। मौसम विज्ञान विभाग ने भू जलस्तर का आंकड़ा मंगवाया है। बारिश न होने का असर फसल और भूजल दोनों पर हुआ है। सबसे ज्यादा असर जम्मू संभाग में देखने को मिला है।
यहां गेहूं समेत अन्य नकदी फसलें प्रभावित हुई हैं। अब अगली फसल बीजने के लिए लोगों को सूखे का असर झेलना पड़ रहा है। क्षेत्र में सूखे का संकट मानसून आने तक बरकरार रहने की संभावना है।ब्रहमपाल, मौसम विज्ञान विभाग, जम्मू-कश्मीर
जम्मू संभाग में ज्यादा नुकसान: कृषि विभाग
बारिश न होने का असर जम्मू संभाग में ज्यादा है। जिन इलाकों में खेतीबाड़ी मौसम पर आधारित है वहां फसलें झुलस गई हैं। कुछ इलाकों में फल विकसित नहीं हो पाए हैं। औसत के अनुसार बारिश न होने की वजह से जलस्रोतों में कमी आई है। हालांकि श्रीनगर में फसलों को जम्मू के मुकाबले कम नुकसान पहुंचा है। कुछ इलाके हैं जहां बारिश पर्याप्त नहीं हो पाई है। वहां के लिए कृषि विभाग योजना पर काम कर रहा है।मोहम्मद अलयास खातीब, निदेशक, कृषि विभाग
ऐसे तय होता है यलो या रेड जोन
मौसम विज्ञान विभाग बारिश में 60 से 99 फीसदी तक अंतर आने की स्थिति में जिला को यलो जोन में रखता है। प्रदेश में कठुआ इकलौता जिला फिलहाल इस श्रेणी में शामिल है। जबकि 20 से 59 फीसदी तक की कमी आने की स्थिति में जिलों को रेड जोन रखा जाता है।जानिए ये भी: कितनी बारिश का अंतर और कौन सा जोन
मौसम विज्ञान विभाग बारिश में 60 से 99 फीसदी तक अंतर आने की स्थिति में जिला को यलो जोन में रखता है। प्रदेश में कठुआ इकलौता जिला फिलहाल इस श्रेणी में शामिल है। जबकि 20 से 59 फीसदी तक की कमी आने की स्थिति में जिलों को रेड जोन रखा जाता है।
| रेड जोन में यह जिले | सामान्य बारिश | कुल बारिश | अंतर |
| सांबा | 85.3 मिमी | 37 मिमी | 57 फीसदी |
| राजौरी | 210.4 मिमी | 99.6 मिमी | 53 फीसदी |
| डोडा | 367.7 मिमी | 185.4 मिमी | 50 फीसदी |
| बड़गाम | 252.7 मिमी | 133.7 मिमी | 47 फीसदी |
| उधमपुर | 255.6 मिमी | 137.4 मिमी | 46 फीसदी |
| जम्मू | 175.6 मिमी | 97.9 मिमी | 44 फीसदी |
| शौपियां | 273.8 मिमी | 159.8 मिमी | 42 फीसदी |
| कुलगाम | 381.9 मिमी | 229.9 मिमी | 40 फीसदी |
| अनंतनाग | 327.3 मिमी | 211.8 मिमी | 35 फीसदी |
| गांदरबल | 302.7 मिमी | 214.2 मिमी | 29 फीसदी |
| रामबन | 436.9 मिमी | 335 मिमी | 23 फीसदी |
| बारामुला | 339.8 मिमी | 257.5 मिमी | 22 फीसदी |
| रेड जोन में यह जिले | सामान्य बारिश | कुल बारिश | अंतर |
| रियासी | 262.2 मिमी | 118.2 मिमी | 55 फीसदी |
| पुंछ | 338.1 मिमी | 195.5 मिमी | 42 फीसदी |
| किश्तवाड़ | 367.7 मिमी | 216.3 मिमी | 41 फीसदी |
| श्रीनगर | 256.6 मिमी | 177.6 मिमी | 31 फीसदी |
| कुपवाड़ा | 405 मिमी | 338.6 मिमी | 16 फीसदी |
प्रदेश में तूफान का अलर्ट, बूंदाबांदी के बीच 50 किमी की रफ्तार पकड़ेंगी हवाएं
प्रदेश को तपती गर्मी से आगामी 48 घंटे में राहत मिल सकती है। मौसम विज्ञान विभाग ने इसकी संभावना जताई है। आगामी 48 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश होने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। यह हवाएं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है।
इसके अलावा आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी रहेगी। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने का असर जम्मू और श्रीनगर संभाग में देखने को मिलेगा। हालांकि बारिश का असर श्रीनगर समेत ऊंचाई वाले इलाकों में ज्यादा रहेगा। जबकि जम्मू संभाग में तेजी हवाएं और तूफान चलने की संभावना बनी रहेगी।
प्रदेश में 28 मई से खराब होने वाले मौसम का असर 72 घंटे तक रहेगा। हालांकि बारिश हल्की होने की वजह से फसल बुआई की तैयारी कर रहे किसानों को कुछ खास राहत नहीं मिलेगी। मौसम विभाग ने इस दौरान आने वाले तूफान से लोगों को सजग रहने की सलाह दी है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में सूखा फिलहाल बरकरार रहेगा और किसानों को मानसून के आने तक इंतजार करना होगा। मौसम वैज्ञानिक ब्रहमपाल ने बताया कि मौसम में 28 मई से बदलाव होगा। इस दौरान तूफान आने की संभावना रहेगी। कुछेक क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है। लेकिन यह बेहद सीमित इलाकों में होगी। उन्होंने बताया कि इस बारिश का तापमान पर आंशिक असर देखने को मिलेगा। लेकिन बहुत बड़ा प्रभाव देखने को नहीं मिल पाएगा।
तीन डिग्री तक लुढ़का तापमान
सोमवार को तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिली है। जम्मू संभाग के मीरपुर और श्रीनगर संभाग के मुजफराबाद में दिन का तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक कम हुआ है। जबकि जम्मू में भी तीन डिग्री सेल्सियस की कमी के साथ सोमवार का तापमान रिकॉर्ड किया गया है।
सोमवार को दोपहर दो बजे तक मुजफराबाद में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है जो प्रदेश में दूसरे इलाकों के मुकाबले ज्यादा है। इसके अलावा मीरपुर में 35.5 डिग्री, कठुआ में 35.4 डिग्री, जम्मू में 35 डिग्री, कटड़ा में 32.8 डिग्री, कोनीबाल में 30 डिग्री, श्रीनगर में 29.5 डिग्री, काजीगुंड 28.5 डिग्री, कुपवाड़ा में 28.2 डिग्री, भद्रवाह में 27 डिग्री, बनिहाल में 26.2 डिग्री, पहलगाम में 24.4 डिग्री, कुकेरनाग में 27.6 डिग्री, गुलमर्ग में 19.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है।