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Jammu News: हवाई हमले के दौरान खुद के साथ दूसरों को भी बचाएं
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जागरूकता सत्र के दौरान मौजूद अधिकारी फोटो आईआईएम
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एसडीआरएफ की ओर से आईआईएम के जगती परिसर में हुआ जागरूकता कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) जम्मू के जगती परिसर में बुधवार को राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के सहयोग से जागरूकता व आपदा तैयारी सत्र हुआ। इसमें छात्रों को हवाई हमले के दौरान खुद व अन्य को बचाने के तरीके बताए गए।
एसडीआरएफ के विशेषज्ञों ने बताया आपात स्थिति के दौरान कैसे खुद को बचा सकते हैं। इस तरह के हालात में खुद को मानिसक रूप से तैयार रहना होगा। जागरूकता सत्र के दौरान आईआईएम जम्मू के निदेशक प्रो. बीएस ने सशस्त्र बलों द्वारा प्रदर्शित साहस और समर्पण की सराहनीय की। ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए उसे न्याय का प्रतीक बताया।
सत्र में इंस्पेक्टर संजीव कलसी ने बताया कि वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में 13 जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। सत्र का उद्देश्य आईआईएम जम्मू के छात्रों, संकाय, अधिकारियों व कर्मचारियों को आपात स्थिति के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपायों के बारे में संवेदनशील बनाना व प्रशिक्षित करना है।
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एसडीआरएफ के इंस्पेक्टर पविंदर सिंह ने हवाई हमलों के लिए आवश्यक प्रोटोकॉल, अस्पताल से पहले प्रतिक्रिया समय के महत्व और जीवन रक्षक तकनीकों के बारे में बताया।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) जम्मू के जगती परिसर में बुधवार को राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के सहयोग से जागरूकता व आपदा तैयारी सत्र हुआ। इसमें छात्रों को हवाई हमले के दौरान खुद व अन्य को बचाने के तरीके बताए गए।
एसडीआरएफ के विशेषज्ञों ने बताया आपात स्थिति के दौरान कैसे खुद को बचा सकते हैं। इस तरह के हालात में खुद को मानिसक रूप से तैयार रहना होगा। जागरूकता सत्र के दौरान आईआईएम जम्मू के निदेशक प्रो. बीएस ने सशस्त्र बलों द्वारा प्रदर्शित साहस और समर्पण की सराहनीय की। ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए उसे न्याय का प्रतीक बताया।
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सत्र में इंस्पेक्टर संजीव कलसी ने बताया कि वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में 13 जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। सत्र का उद्देश्य आईआईएम जम्मू के छात्रों, संकाय, अधिकारियों व कर्मचारियों को आपात स्थिति के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपायों के बारे में संवेदनशील बनाना व प्रशिक्षित करना है।
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एसडीआरएफ के इंस्पेक्टर पविंदर सिंह ने हवाई हमलों के लिए आवश्यक प्रोटोकॉल, अस्पताल से पहले प्रतिक्रिया समय के महत्व और जीवन रक्षक तकनीकों के बारे में बताया।