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जम्मू हाईकोर्ट: पुनर्विचार याचिका के लिए 90 दिन की मियाद जरूरी
Tue, 21 Dec 2021 03:38 PM IST
करिश्मा चिब
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Tue, 21 Dec 2021 03:38 PM IST
सार
एकल पीठ ने प्रावधानों के विपरीत राय दी है, जिसे खंडपीठ सही नहीं मानती। खंडपीठ ने कहा कि याचिका में पीड़ित पक्ष ने भूमि राजस्व अधिनियम की धारा 15 का हवाला दिया है।
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jammu highcourt
- फोटो : फाइल
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट की खंडपीठ ने भूमि राजस्व अधिनियम के तहत पुनर्विचार याचिकाओं के लिए 90 दिन की अवधि को जरूरी बताया है। न्यायाधीश अली मोहम्मद मागरे और मोहम्मर अकरम चौधरी की खंडपीठ ने इससे जुड़ी कई याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि भूमि राजस्व अधिनियम के तहत की जाने वाली पुनर्विचार याचिकाओं को किसी भी समय स्वीकार नहीं किया जा सकता।
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कोर्ट ने एकल पीठ के फैसलों को अनुचित करार देते हुए कहा कि कुछ फैसले सही नहीं थे। एकल पीठ ने प्रावधानों के विपरीत राय दी है, जिसे खंडपीठ सही नहीं मानती। खंडपीठ ने कहा कि याचिका में पीड़ित पक्ष ने भूमि राजस्व अधिनियम की धारा 15 का हवाला दिया है।
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इसे देखते हुए अदालत यह स्पष्ट करना चाहती है कि यह याचिका भी सीमा के नियम के अधीन है। कोर्ट में पुनर्विचार याचिका के लिए 90 दिन का समय पहले से निर्धारित है और भूमि राजस्व अधिनियम से जुड़ी पुनर्विचार याचिका भी इसी समय अवधि के तहत मान्य होगी।