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Jammu News: एम्स विजयपुर में लेप्रोस्कोपिक सर्जरी शुरू, पहली लेप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टोमी
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एम्स विजयपुर में पहली लेप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टोमी सर्जरी की गई है।
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) विजयपुर में सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग की ओर से पहली लेप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टोमी की गई है। इसमें पित्ताशय की थैली को हटाने के लिए एक न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया की गई।
लेप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टोमी में छोटे चीरे लगाने और एक कैमरा और विशेष उपकरणों का उपयोग किया जाता है। पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में इसके कम रिकवरी समय, न्यूनतम निशान और दैनिक गतिविधियों में जल्दी वापसी के कारण पित्ताशय की थैली की सर्जरी के लिए एक अत्यधिक पसंदीदा तरीका है। एक मध्यम आयु वर्ग की महिला पुरानी पित्ताशय की थैली की समस्याओं से पीड़ित थी। सर्जरी के दूसरे पोस्टऑपरेटिव दिन उसे छुट्टी दे दी गई।
सर्जरी टीम में डॉ. विजय कुंडल, डॉ. अभिनव मणि, डॉ. साहिल संदल, डॉ. विकास के साथ सहायक चिकित्सा स्टाफ शामिल रहा। विभाग के प्रमुख (ऑफग) डॉ. संदल ने कहा कि लेप्रोस्कोपिक सर्जरी आधुनिक चिकित्सा में एक गेम-चेंजर है। विभाग गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (जीआई) और हेपेटोपैन्क्रिएटोबिलरी (एचपीबी) और कई अन्य स्थितियों के लिए लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के विकल्पों का विस्तार करने की योजना बना रहा है।
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जम्मू। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) विजयपुर में सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग की ओर से पहली लेप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टोमी की गई है। इसमें पित्ताशय की थैली को हटाने के लिए एक न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया की गई।
लेप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टोमी में छोटे चीरे लगाने और एक कैमरा और विशेष उपकरणों का उपयोग किया जाता है। पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में इसके कम रिकवरी समय, न्यूनतम निशान और दैनिक गतिविधियों में जल्दी वापसी के कारण पित्ताशय की थैली की सर्जरी के लिए एक अत्यधिक पसंदीदा तरीका है। एक मध्यम आयु वर्ग की महिला पुरानी पित्ताशय की थैली की समस्याओं से पीड़ित थी। सर्जरी के दूसरे पोस्टऑपरेटिव दिन उसे छुट्टी दे दी गई।
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सर्जरी टीम में डॉ. विजय कुंडल, डॉ. अभिनव मणि, डॉ. साहिल संदल, डॉ. विकास के साथ सहायक चिकित्सा स्टाफ शामिल रहा। विभाग के प्रमुख (ऑफग) डॉ. संदल ने कहा कि लेप्रोस्कोपिक सर्जरी आधुनिक चिकित्सा में एक गेम-चेंजर है। विभाग गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (जीआई) और हेपेटोपैन्क्रिएटोबिलरी (एचपीबी) और कई अन्य स्थितियों के लिए लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के विकल्पों का विस्तार करने की योजना बना रहा है।
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