फिर प्रभु के बजट से जम्मू स्टेशन को उम्मीदें
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लाखों यात्रियों का बोझ ढोने वाला जम्मू का रेलवे स्टेशन एक बार फिर से रेल मंत्री की तरफ से पेश किए जाने वाले रेल बजट से उम्मीद लगाए हैं।
उम्मीद है कि इस बार रेलमंत्री जम्मू के रेलवे स्टेशन के लिए कोई घोषणा करें, जिससे कि यात्रियों को मॉडल रेलवे स्टेशन जैसी कुछ सुविधाएं मिलने लगे, क्योंकि कहने को तो स्टेशन माडल रेलवे स्टेशन है, लेकिन इसमें आज तक यात्रियों को मॉडल रेलवे स्टेशन जैसी सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं।
स्टेशन के रिजर्वेशन सेंटर में दस से ज्यादा काउंटर हैं, लेकिन खुलते केवल तीन काउंटर ही हैं। इसी तरह से जनरल टिकट के छह काउंटर हैं, लेकिन यह भी दो या फिर तीन खुलते हैं। इसका मुख्य कारण स्टेशन पर स्टाफ कमी है।
इन परेशानियों से जूझ रहा है जम्मू स्टेशन
वर्षों से स्टेशन में स्टाफ की कमी मौजूद है और इसको पूरा करने का एलान रेल बजट में नहीं हुआ है। विकलांग और बुजुर्गों के लिए एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म तक जाने के लिए रैंप की सुविधा नहीं हैं। मजबूरन विकलांग यात्री भी सीढ़ियां चढ़कर ही दूसरे प्लेटफार्म जाते हैं।
आज तक स्टेशन पर रैंप की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है। जम्मू स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ियों की भी सुविधा रेलवे आज तक उपलब्ध नहीं करवाया पाया है। हालांकि दो जनवरी को रेलमंत्री सुरेश प्रभु स्टेशन में इसका शुभारंभ किया था, लेकिन अभी तक इसको लेकर कुछ होता नजर नहीं आ रहा है।
स्टेशन पर द्वितीय श्रेणी यात्रियों के वेटिंग हाल की भी हालत खस्ता है। हर रोज स्टेशन ट्रेनों का इंतजार करने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेनों के देरी से चलने के कारण तो यात्रियों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। रेल मंत्री जनवरी में स्टेशन की हालत देखकर गए हैं और इसी से उम्मीदें हैं कि रेल मंत्री हालत सुधारने के लिए कोई एलान करेंगे।